हिमाचल में कड़ी सुरक्षा के बीच 68 सीटों पर वोटिंग, मैदान में 412 प्रत्याशी

हिमाचल में कड़ी सुरक्षा के बीच 68 सीटों पर वोटिंग, मैदान में 412 प्रत्याशी

शिमला : हिमाचल प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग शुरू हो गई है.

यहां की 68 विधानसभा सीटों पर सुबह 8 बजे से मतदाता वोटिंग कर रहे हैं.

इस बार कुल 412 प्रत्याशी इस बार चुनावी मैदान में हैं. वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी.

वहीं, वोटों की गिनती 8 दिसंबर 2022 को की जाएगी. फिलहाल बीजेपी सत्ता में थी,

इस बार आप और कांग्रेस दोनों सरकार बनाने का दावा कर रही है.

सीएपीएफ की 67 कंपनियां तैनात

आज हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. मतदान प्रक्रिया को

सुचारू रूप से चलाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा गया है.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 67 कंपनियों और 11,500 से अधिक राज्य पुलिस कर्मियों सहित लगभग 30,000 सुरक्षा कर्मियों को हिमाचल प्रदेश में शांतिपूर्ण मतदान के लिए तैनात किया गया है. इसके अलावा, करीब 50,000 सरकारी कर्मचारी पोल ड्यूटी पर हैं.

कुल कितने मतदान केंद्र

चुनाव आयोग ने बताया कि 7881 मतदान केंद्रों में से 798 संवेदनशील हैं और 397 अतिसंवेदनशील की श्रेणी में हैं. चंबा जिले के भरमौर आदिवासी एसी का चास्क भटोरी एक ऐसा मतदान केंद्र है, जहां पहुंचने के लिए मतदान दल को 14 किमी पैदल चलना पड़ता है. चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार हिमाचल में 55,92,828 मतदाता हैं. कुल पात्र मतदाताओं में से 27,37,845 महिलाएं, 28,54,945 पुरुष और 38 तीसरे लिंग के हैं. 1.93 लाख मतदाता 18-19 वर्ष की आयु के बीच हैं.

NDRF और SDRF टीमों की तैनाती

जानकारी के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) और राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की टीमों को भी तैयार रखा गया है, जिसमें 800 जवान शामिल हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन की योजनाओं के साथ राज्य आपदा प्रबंधन योजना तैयार की गई है.

कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग: इन जगहों पर की गई तैनाती

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) और राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया है, जिसमें जनजातीय बहुल लाहौल और स्पीति और चंबा जिलों में 50-50 कर्मियों को शामिल किया गया है. इसके अलावा, चंबा और पांगी के जिला मुख्यालयों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दस-दस कर्मियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा, एनडीआरएफ के 10-10 जवानों को लाहौल-स्पीति, काजा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर भी तैनात किया गया है.

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