चुनाव में अपेक्षित सीट नहीं मिलने पर मांझी के बाद उपेन्द्र कुशवाहा का छलका दर्द, समर्थकों से किया सोशल मीडिया संवाद
पटना : बिहार चुनाव में घटक दलों का रूठने मनाने का सिलसिला अभी भी बरकरार दिख रहा है। एक तरफ दिल्ली से लौटे एनडीए के नेता आल इज वेल होने की बात कहते है। वहीं रालोमो सुप्रीमो व राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर समर्थकों से बात की है। सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने समर्थकों को संबोधित करते हुए लिखा है कि आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था वहीं बारिश की। अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की तो हमे भी जिद है वही आशियां बनाने की।

उपेंद्र ने समर्थकों से अपनी विवशता पर मांगी माफी
उपेंद्र कुशवाहा ने समर्थकों को अपना दर्द साझा करते हुए आगे लिखा है कि आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई। मैं समझ रहा हूं कि इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों-लाखों लोगों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा। परंतु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे। किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखतीं है। मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं। हम जानते हैं कि अंदर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा जो स्वाभाविक भी है।

जीतन राम मांझी ने भी शेयर की थी बात
इससे पहले केंद्रीय मंत्री व हम के संरक्षक जीतन राम मांझी ने भी सोशल मीडिया के बहाने अलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में लिखा था हो न्याय अगर तो आधा दो, यदि उसमें भी कोई बाधा हो, तो दे दो केवल 15 ग्राम, रखो अपनी धरती तमाम।
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क्या होगा चुनाव में असर
वहीं सीट शेयरिंग को लेकर जारी उहापोह दावे-प्रतिदावे के बीच नेताओं का समर्थकों से सोशल मीडिया संवाद और उसमें झलकती मजबूरियां का समर्थकों की गोलबंदी पर कितना असर होगा यह तो चुनाव परिमाण से ही पता चलेगा। पर एनडीए नेताओं के All is Well वाले बयान थोथी दलील साबित न हो जाए।
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