जेएमएम केन्द्रीय महासचिव

बाबूलाल ईमानदार नेता हैं, दे सकते हैं कुतुबमीनार से कूद कर अपनी जान

Ranchi– जेएमएम केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि बहुत लम्बे इंतजार के बाद गुजरात में तारीखों को एलान कर दिया गया. पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री का गुजरात का 12 दौरा हुआ है. अब निर्वाचन आयोग सत्ता रुढ़ पार्टी की सुविधाओं को देख कर चुनावों का एलान करती है. गुजरात में 1 दिसम्बर और 5 दिसम्बर को मतदान होगा, जबकि 8 दिसम्बर मतपत्रों की गिनती की जायेगी.

गुजरात में 27 सीटें अनुसूचित जाति के लिए है सुरक्षित

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है ने कहा कि गुजरात में कुल 27 सीटें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. वहां भी आदिवासी ही सरकार की दिशा और दशा तय करेंगे, सरकार के गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है. भाजपा के बढ़त की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी निजी चैनल के सर्वे की विश्वसनीयता कितनी होती है. यदि उनकी कोई विश्वसनीयता है तो चुनाव करवाने की क्या जरुरत है? आदिवासी को केवल खिलौना बनाने का काम किया जा रहा है.

दलित आदिवासियों के साथ गुजरात में होता है दुर्व्यवहार

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से गुजरात में

दलित आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं में तेजी आयी है.

यहां भी एक आदिवासी मुख्यमंत्री को परेशान करने की कोशिश की जा रही है,

एक लोकतांत्रिक सरकार को अपदस्थ करने की साजिशें रची जा रही है.

ईडी की जांच में कोई बाधा डालना नहीं चाहते-जेएमएम केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो

सुप्रियो भट्टाचार्य ने साफ किया कि

हम किसी भी तरह से ईडी की जांच में बाधा नहीं डालना चाहते,

मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा पहले ही तय हो चुका था,

नोटिस तो उसके बाद आया है.

बावजूद इसके ईडी मुख्यमंत्री को चाहे तो गिरफ्तार कर सकती है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी यही कहा है.

बाबूलाल मरांडी ईमानदार नेता, किसी का भी कपड़ा मांग कर पहन सकते हैं

सुप्रियो भट्टाचार्य ने बाबूलाल पर तंज कसते हुए कहा कि

बाबूलाल मरांडी ईमानदार नेता है,

वह तो किसी का भी कपड़ा मांग कर पहन लेते हैं.

उन्होंने कुतुबमीनार अपने नाम रिजर्व कर के रखा है,

किसी भी वक्त कूद कर अपनी जान दे सकते हैं.

एक समन पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जब गांव तक जायेगी यह खबर तब क्या होगा?

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मात्र एक समन से कार्यकर्ताओं में इतना व्यापक आक्रोश है,

जब यह खबर गांव तक जायेगी तब स्थिति क्या होगी

इसकी कल्पना भी भाजपा नहीं कर सकती.

हमें छेड़ने की कोशिश भाजपा को मंहगी पड़ने वाली है.

हम किसी को छोड़ने वाले नहीं है. यह तो मात्र लड़ाई की शुरुआत है.

हम 2024 में इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचायेंगे.


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