जंगल से सटे गांव के लोग दहशत में जीने को मजबूर
बगहा (पश्चिमी चंपारण) : बगहा में एक आदमखोर बाघ ने एक व्यक्ति की जान ले ली.
इस घटना के बाद जंगल से सटे गांव के लोगों में दहशत है.
बताया जाता है कि खेत में काम करने गए एक किसान को बाघ ने हमला बोल अपना निवाला बना लिया.
अभी कुछ दिन पहले ही एक खेत में सोहनी करने गई महिला को इसी तरह बाघ ने
हमला बोल मौत के घाट उतार दिया. आपको बताते चलें कि बिहार का
इकलौता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आए दिन जंगल के सटे गांव के ग्रामीण बाघ के शिकार होते जा रहे हैं.
लाश लेकर गन्ने के खेत में छुप गया था बाघ
खेत में काम कर रहे एक किसान पर बुधवार को हमला करने के बाद आदमखोर बाघ ने
लाश को लेकर गन्ने के खेत में छुप गया. जहां शोर सुन खेत में कार्य कर रहे ग्रामीणों के
शोर गुल से बाघ मौके से मृत किसान को छोड़ भाग निकला.
आदमखोर बाघ: मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
इस पूरी घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौक़े पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक का नाम हरनाटाड़ के बरवा कला निवासी 65 वर्षीय रामप्रसाद उरावं के रूप में हुई.
बाघ के हमले में एक महिला की भी हो गई थी मौत
घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं. बीते 12 सितंबर को भी बैरिया कला गांव के पास बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी. इसके बाद आक्रोशित किसानों ने शव लेकर प्रदर्शन भी किया था.
जिसे वन विभाग के अधिकारी को लोगों का भारी आक्रोश झेलना पड़ा था.
आदमखोर बाघ: सतर्कता के बाद भी हो रही है घटना
बगहा के रिहायशी इलाके में लगातार हो रहे बाघ के हमले से परेशान लोगों ने 12 सितंबर को हर्नाटांड़ वन विभाग कार्यालय पर धरना प्रदर्शन दिया था.
जिसके बाद वन विभाग की टीम सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी. लेकिन पूरी सतर्कता के बावजूद भी लगातार घटनाएं घटित होते चली जा रही है.
रिपोर्ट: अनिल कुमार
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