धनबाद में ₹2.29 करोड़ के फर्जी GST घोटाले का पर्दाफाश। फर्जी ई-वे बिल और शेल कंपनी के जरिए कर चोरी, टोटो चालक गिरफ्तार।
GST Scam : धनबाद में ₹2.29 करोड़ के फर्जी जीएसटी घोटाले का खुलासा हुआ है। सरायढेला थाना पुलिस ने बुधवार को इस मामले में एक टोटो चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आनंद डे के रूप में हुई है, जो सरायढेला थाना क्षेत्र के खरनागदा का रहने वाला है। मामला फर्जी ई-वे बिल और शेल कंपनी बनाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश में थी।
GST Scam: बिना खरीद के दिखाई करोड़ों की बिक्री
जांच में सामने आया कि डे इंटरप्राइजेज नामक फर्म ने दिसंबर 2018 में 49 ई-वे बिल के जरिये 85.75 लाख रुपये और जनवरी 2019 में 350 ई-वे बिल के माध्यम से 7.28 करोड़ रुपये की बिक्री दर्शायी। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी अवधि में किसी भी प्रकार की खरीद का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि बिना माल खरीदे कागजों पर बिक्री दिखाकर जीएसटी की चोरी की गई।
₹2.29 करोड़ के फर्जी जीएसटी घोटाले का खुलासा
सरायढेला थाना पुलिस ने टोटो चालक को किया गिरफ्तार
फर्जी ई-वे बिल और शेल कंपनी के जरिए कर चोरी
बिना खरीद के करोड़ों की बिक्री दिखाने का आरोप
आरोपी की पत्नी ने रिश्तेदार पर लगाया साजिश का आरोप
GST Scam: विभागीय जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
राज्य कर विभाग के सॉफ्टवेयर से की गई जांच में यह भी पाया गया कि जनवरी 2019 में 7.28 करोड़ रुपये की बिक्री के मुकाबले केवल 5.91 करोड़ रुपये का ही विवरण दर्ज किया गया था। इस तरह 1.36 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाई गई। इसके अलावा जिन फर्मों से खरीद दिखायी गई थी, उनके पास स्वयं कोई आवक आपूर्ति नहीं थी, जिससे पूरे लेनदेन को फर्जी माना गया।
GST Scam: 2022 में दर्ज हुआ था मामला, अब गिरफ्तारी
इस घोटाले को लेकर राज्य कर नागरीय अंचल की तत्कालीन सहायक आयुक्त डॉ अफसाना खानम ने 7 अप्रैल 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। अब सरायढेला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।
GST Scam: आरोपी की पत्नी ने रिश्तेदार पर लगाए आरोप
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की पत्नी ने बताया कि आनंद डे टोटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। एक रिश्तेदार ने नौकरी दिलाने के बहाने उससे दस्तावेज ले लिए और उसी के नाम पर कारोबार करने लगा। बैंक खाता, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी उसी रिश्तेदार के पास थे। मोबाइल पर पैसे के लेनदेन के मैसेज आने पर उसे बहला दिया जाता था।
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