Hathras Stampede Probe : आधी रात को बाबा के आश्रम पर पहुंची पुलिस और बाबा के पकड़े जाने की चर्चा गर्म

मैनपुरी जिले में जिस आश्रम में नारायण साकार हरि के रुकने की चर्चा है, वहां बीती आधी रात को सन्नाटे को चीरती हुईं पुलिस की कुछ गाड़ियां आश्रम पहुंचीं थीं।

मैनपुरी / हाथरस : Hathras Stampede Probeआधी रात को बाबा के आश्रम पर पहुंची पुलिस और बाबा के पकड़े जाने की चर्चा गर्म। हाथरस हादसे के मामले की जांच में जुटी यूपी पुलिस की विशेष टीम दिल दहला देने वाले घटना के साजिशकर्ता एवं उसके सहयोगियों तक पहुंचने में जुटे हुए हैं। इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर कार्रवाई की जा रही है ताकि इस संवेदनशील प्रकरण में ऐसा पुख्ता एक्शन हो कि कोई उस पर सवाल न उठा सके। इस बीच बड़ी खबर यह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ही मैनपुरी जिले में जिस आश्रम में नारायण साकार हरि के रुकने की चर्चा है, वहां बीती आधी रात को सन्नाटे को चीरती हुईं पुलिस की कुछ गाड़ियां आश्रम पहुंचीं थीं। वो गाड़ियां आश्रम में दाखिल होने के बाद रात करीब एक बजे निकलीं और लौटते समय पुलिस आश्रम से दो गाड़ियां साथ ले गई है। अधिकारी और शासन के लोग इस बारे में कुछ भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं लेकिन संकेत है कि जांच टीम ने हादसे के बाद से फरार बाबा को अपने कब्जे में ले चुकी है लेकिन अपरिहार्य कारणों से उसका खुलासा नहीं किया जा रहा।

आधी रात को आश्रम से पुलिस के निकलने के बाद से बाबा भी नदारद

हाथरस हादसे की जांच में जुटी यूपी पुलिस की विशेष टीम में तेजतर्रार अधिकारियों को शामिल किया गया है। वहे इलेक्ट्रानिक, फिजिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान करते हुए ही हर संदिग्ध पर हाथ डाल रहे हैं। इसी क्रम में मैनपुरी के घटनाक्रम को अब तक की जारी जांच में सबसे अहम अपडेट बताया जा रहा है। अधिकारी किसी नतीजे तक न पहुंचने तक चुप्पी साधे रखना चाह रहे हैं। इस बारे में उन्हें ऊपर से सख्त हिदायत मिली हुई है। बता दें कि बीती रात करीब 10 बजे साकार विश्व हरि के अधिकृत अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह ने पत्रकारों से वार्ता की। उसके बाद आश्रम के गेट से ही वह वापस लौट गए। फिर धीरे-धीरे वहां से मीडिया वाले भी चले गए। उसके बाद रात 12 बजे के बाद यूपी पुलिस के अधिकारियों की कुछ गाड़ियां सन्नाटे को चीरते हुए मैनपुरी वाले आश्रम पहुंचीं और सीधे आश्रम में दाखिल हुईं। करीब एक घंटे तक अंदर रहने के बाद रात एक बजे के भीतर गई पुलिस की गाड़ियां बाहर निकलीं। लौटते समय आश्रम में पहले से पार्क कर रखी गईं दो गाड़ियां भी पुलिस टीम के साथ निकलीं। उन दो गाड़ियों में कौन था,  इस बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा एवं प्रकरण से वाकिफ पुलिस – प्रशासनिक उच्चाधिकारी भी यह कहकर अपना पीछा छुड़ा रहे हैं कि उन्हें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। लेकिन इसी कड़ी में सबसे अहम बात यह है कि उसके बाद से ही आश्रम के भीतर भोले बाबा की मौजूदगी का कोई संकेत नहीं मिल है। बताया जा रहा है कि बाबा आश्रम से निकल चुके हैं।

एसटीएफ पहुंची थी या एसआईटी, इस बारे में भी सभी मौन

मैनपुरी वाले बाबा के आश्रम में बीती आधी रात को यूपी पुलिस की कौन सी विशेष टीमें पहुंची थीं, इस बारे में भी शासन और प्रशासन स्तर पर चुप्पी साध रखी गई है। स्थानीय स्तर पर सिर्फ इतना ही कहा गया है कि लोकल लोगों में चर्चा है कि आश्रम से पुलिस टीम के साथ रात को गई गाड़ियों में साकार विश्व हरि भी आश्रम से चले गए। हालांकि इस चर्चा की पुष्टि आधिकारिक तौर पर न तो आश्रम वाले ही कर रहे हैं और ना हीं पुलिस-प्रशासन वाले। दावा किया जा रहा है कि पुलिस की जो टीम आई थी, वह एसटीएफ आगरा की टीम थी या फिर इस हादसे की जांच को गठित एसआईटी वाली ही थी। बता दें कि हाथरस कांड के बाद पुलिस नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा की तलाश में है। पुलिस ने उसकी तलाश में उसके कई अलग-अलग जिलों में बने आश्रमों पर छापे भी मारे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाबा का लोकेशन मैनपुरी के आश्रम में ही बताया गया था। जांच टीम को खास इनपुट मिला था कि हादसे के बाद से ही भोले बाबा इस आश्रम में अपनी लग्जरी गाड़ी के जरिए पहुंच गया था।

 

हाथरस में हादसे वाली जगह से बाबा का काफिला मैनपुरी की ओर जाते दिखा था।
मैनपुरी में भोले बाबा का आश्रम

सीसीटीवी फुटेज में जांच टीम को अहम सुराग मिले थे, फिर बढ़ी जांच

हाथरस में हादसे वाली जगह से बाबा का काफिला मैनपुरी की ओर जाते दिखा था। हादसे वाले दिन घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बाबा का काफिला मैनपुरी की ओर जाते दिखा था जिसका रिकार्ड जांच टीम ने जुटाया। साथ ही हादसे के बाद जब पुलिस ने बाबा की कॉल डिटेल्स खंगाली तो उसमें हादसे वाले दिन दोपहर 3 बजे से 4 बजकर 35 मिनट तक बाबा की लोकेशन मैनपुरी के आश्रम में मिली। फिर सायं 4:35 के बाद बाबा का फोन स्विच ऑफ हो गया। बीते 2 जुलाई को हाथरस के फुलरई गांव में नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग समापन पर भगदड़ मचने से बड़ा हादसा होने के बाद पुलिस ने बाबा की तलाश में कई स्थानों पर छापे मारे थे। पुलिस को बाबा के मैनपुरी स्थित आश्रम पर होने की जानकारी भी मिली थी लेकिन आश्रम में छापा मारने पर पुलिस को वहां बाबा नहीं मिला था। उस समय भी करीब एक घंटे तक पुलिस मैनपुरी केआश्रम पर रही थी और तब आश्रम पर पुलिस को 50 से 60 महिलाएं मिली थीं। बता दें कि बीते गुरूवार को ही एडीजी आगरा ने हाथरस भगदड़ केस में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिए जाने की जानकारी दी थी। बताया था कि हादसे के संबंध में दर्ज एफआईआर का मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर फरार है जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया उनमें मैनपुरी का रहने वाला 50 वर्षीय राम लड़ैते, फिरोजाबाद का उपेंद्र सिंह यादव, हाथरस के मेघसिंह, मुकेश कुमार, मंजू यादव और मंजू देवी शामिल हैं। ये सभी हादसे वाले सत्संग के आयोजन समिति के सदस्य हैं और इन पर बाबा के लिए चंदा इकट्ठा करने और भीड़ जमा करने का आरोप है।

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