Jharkhand High Court: 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को बड़ी राहत, बिना अनुमति सेवा से नहीं हटाने का आदेश

 झारखंड हाईकोर्ट ने 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने बिना अनुमति सेवा से हटाने पर रोक लगाते हुए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया।

RAnchi : Jharkhand High Court – झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि प्रार्थी शिक्षकों को वर्तमान में जिस पद पर वे कार्यरत हैं, उससे अदालत की अनुमति के बिना सेवा से अलग या हटाया नहीं जाए। साथ ही उनके मानदेय का भुगतान जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

 

Jharkhand High Court: 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों ने नियमितीकरण की मांग की

अदालत में डॉ. अन्नपूर्णा झा सहित 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों की ओर से सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर रिट याचिका दायर की गई है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा।

याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी शिक्षकों को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जिस पद पर शिक्षक कार्यरत हैं, उस पद से उन्हें न्यायालय की अनुमति के बिना सेवा से अलग या हटाया नहीं जाएगा।


Key Highlights

  • झारखंड हाईकोर्ट ने 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को अंतरिम राहत दी।
  • शिक्षकों को वर्तमान पद से अदालत की अनुमति के बिना हटाने पर रोक लगाई गई।
  • प्रार्थी शिक्षकों के मानदेय का भुगतान जारी रखने का निर्देश दिया गया।
  • सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर रिट याचिका दायर की गई है।
  • मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

Jharkhand High Court: मानदेय भुगतान जारी रखने का निर्देश

जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अंतरिम आदेश में संबंधित शिक्षकों के मानदेय का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही मामले में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।

अदालत के इस आदेश से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत 174 शिक्षकों को फिलहाल सेवा सुरक्षा मिली है।

Jharkhand High Court: 10 जून के आदेश के बाद दायर हुई फ्रेश रिट याचिका

मामले की पृष्ठभूमि में 10 जून का हाईकोर्ट का आदेश भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों के नियमितीकरण के लिए फ्रेश रिट याचिका दायर करने का निर्देश दिया था।

इसके बाद राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में कार्यरत 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों ने सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल शिक्षकों को अंतरिम राहत प्रदान की है।

मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है। उस दौरान प्रतिवादियों की ओर से दाखिल जवाब और मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।

 

Bihar Vigilance Raid: बिहार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई! चंद्रशेखर सिंह...

Bihar Vigilance Raid, पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर...

Sudhakar Singh Defamation Notice: सांसद सुधाकर सिंह को 5 करोड़ की...

Sudhakar Singh Defamation Notice: बिहार के बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन की...

Gopalganj Sanjana Death Case: गोपालगंज में संजना की संदिग्ध मौत पर...

Gopalganj Sanjana Death Case: बिहार के गोपालगंज जिले के थावे में दो दिन से लापता 12 वर्षीय संजना का शव मिलने के बाद गांव...