कृषि मंत्री शिल्पी नेहा ने धान खरीद में ₹3200 MSP दर पर स्थिति स्पष्ट की. बोनस बढ़ाने की संभावना जताई और भुगतान 7–15 दिन में करने का बड़ा फैसला बताया.
MSP Bonus Update रांची: धान क्रय को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, खासकर ₹3200 प्रति क्विंटल की दर कब लागू होगी इस मुद्दे पर. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा ने इस पर स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की मंशा हमेशा MSP बढ़ोतरी के पक्ष में रही है. उन्होंने बताया कि इसी वजह से झारखंड सरकार हर साल MSP के अलावा किसानों को अतिरिक्त बोनस देती है, ताकि उनकी आमदनी बढ़े और उन्हें वास्तविक समर्थन मिल सके.
MSP Bonus Update
मंत्री ने कहा कि देश की किसी भी सरकार के पास स्टोरेज क्षमता सीमित होती है, चाहे वह केंद्र हो या राज्य. ऐसे में पूरे धान की अधिप्राप्ति को एक साथ MSP दर पर लेना संभव नहीं होता. उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि किसानों की सबसे बड़ी मांग MSP को कानूनी दर्जा देने की है. अगर MSP कानून बन जाए, तो निजी बिचौलियों को भी मजबूरी में उसी दर पर खरीदनी पड़ेगी, जिससे किसानों का शोषण रुक सकेगा.
Key Highlights
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा ने कहा कि सरकार MSP बढ़ोतरी की समर्थक है.
राज्य सरकार किसानों को MSP के अलावा बोनस देने का काम कर रही है.
₹3200 प्रति क्विंटल का मुद्दा स्टोरेज क्षमता और केंद्र की नीतियों से जुड़ा बताया.
MSP को कानूनी दर्जा देने पर जोर, अन्यथा निजी खरीददार फायदा उठाते रहेंगे.
अब धान का भुगतान अधिकतम 7 से 15 दिनों के भीतर होने का नया आदेश जारी.
किसानों को पूरी राशि सीधे मिलेगी, पहले की तरह 50-50 भुगतान नहीं होगा.
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शिल्पी नेहा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह पूंजीपतियों और व्यापारिक वर्ग के हितों के लिए MSP को कानूनी बनाने पर कदम नहीं उठाना चाहती. उनका कहना था कि इसी वजह से असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है और राज्य सरकार पर प्रश्न खड़े किए जाते हैं.
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धान खरीद और भुगतान प्रक्रिया पर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब किसानों को भुगतान 7 से 15 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा. पहले 50 प्रतिशत राशि धान अधिप्राप्ति के समय मिलती थी और बाकी मिलर के पास धान पहुंचने के बाद. लेकिन अब पूरी राशि सीधे किसानों को एकमुश्त मिलेगी.
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उन्होंने माना कि यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होगी, लेकिन SOP उसी तरह तैयार की गई है कि भुगतान समय पर संभव हो सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस प्रणाली को जमीन पर सफलतापूर्वक लागू कर पाएगी. आने वाले समय में यदि वित्तीय स्थिति अनुमति दे, तो बोनस बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा.
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