पटना : बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव द्वारा राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला एग्रो बिहार 2026 का उद्घाटन किया गया। 12 से 15 मार्च तक गांधी मैदान में आयोजित यह मेला कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा सीआईआई के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर कृषि विभाग प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव डॉ. वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, प्रबंध निदेशक स्पर्श गुप्ता, बिहार राज्य बीज निगम के अपर सचिव कल्पना कुमारी, सीआईआई अध्यक्ष गौरव साह, सीआईआई उपाध्यक्ष अखिल कोचर, अपर निदेशक (शष्य) धनंजय पति त्रिपाठी, निदेशक बसोका संतोष कुमार उत्तम और संयुक्त निदेशक कृषि अभियंत्रण शशि शेखर मंडल सहित अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
बिहार मेहनतकश किसानों की धरती है और देश की ताकत खेतों तथा किसानों में निहित है – कृषि मंत्री रामकृपाल यादव
मंत्री रामकृपाल यादव एवं कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने मेला परिसर एवं विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर प्रदर्शित आधुनिक कृषि यंत्रों, तकनीकों व नवाचारों का अवलोकन किया। राम कृपाल यादव ने राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला एग्रो बिहार 2026 के उद्घाटन अवसर पर कहा कि बिहार मेहनतकश किसानों की धरती है और देश की ताकत खेतों तथा किसानों में निहित है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना आवश्यक हो गया है। कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, आसान और समयबद्ध बनाया जा सकता है।

‘गांधी मैदान में आयोजित इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि यंत्र निर्माताओं द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों व नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है’
उन्होंने बताया कि गांधी मैदान में आयोजित इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि यंत्र निर्माताओं द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों को ड्रोन तकनीक, फसल अवशेष प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा कृषि यंत्रों के रख-रखाव की जानकारी भी दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने और बिहार की खेती को और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह मेला किसानों का तकनीक के साथ संगम है – प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल
राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले के उद्घाटन समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि यह मेला किसानों का तकनीक के साथ संगम है। वर्ष 2011 से पटना में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। हम तकनीक के सहारे उत्पादन बढ़ा सकते हैं। बढ़ती आबादी और इसके कारण खेती पर बढ़ते दबाव को तकनीक के सहारे ही कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी चुनौती यह है कि हमारे किसानों के पास जोत कम है, ऐसे में कलस्टर खेती के माध्यम से किसान एक साथ समूह में खेती कर कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकते हैं। राज्य के प्रत्येक जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था की जा रही है जिससे छोटे और सीमांत किसान भाड़े पर कृषि यंत्र लेकर खेती कर सकते हैं।

गौरव साह ने कहा- कृषि विभाग व CII के सहयोग से एग्रो बिहार 2026 का सफल आयोजन किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि यह मेला किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सफल होगा, हमारे किसान जब यहां से लौटेंगे तो खेती में इसका इस्तेमाल कर बेहतर खेती करेंगे। कृषि विभाग प्रयास कर रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष में धान- गेहूं से अलग ज्यादा मूल्य देने वाली फसलों की खेती अधिक से अधिक कराई जाएं जिससे किसानों को लाभ हो और उनकी आय में वृद्धि हो सके। इस अवसर पर सीआईआई बिहार राज्य परिषद के अध्यक्ष गौरव साह ने कहा कि कृषि विभाग और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से एग्रो बिहार 2026 का सफल आयोजन किया जा रहा है, जो पिछले 13 वर्षों से चली आ रही एक ऐतिहासिक साझेदारी की निरंतरता है। पूर्वी भारत के सबसे बड़े कृषि और कृषि यंत्रीकरण मेले के रूप में, इस कार्यक्रम ने एक बार फिर नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिसमें स्थानीय किसानों को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत प्रभावशाली श्किसान पाठशालाश् का आयोजन किया गया।
साह ने बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के प्रति हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया
साह ने बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के प्रति हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया। उन्होंने मंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य के मजबूत नीतिगत ढांचे की सराहना की। उन्होंने उद्योग और कृषि अर्थव्यवस्था के आधारभूत बिंदुओं के निर्बाध एकीकरण की वकालत की। उन्होंने उल्लेख किया कि बिहार के औद्योगिक क्षेत्र का विकास सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र की उन्नति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन, आधुनिक यंत्रीकरण और सहायक सरकारी योजनाओं के माध्यम से, उद्योग जगत बिहार के विशाल प्राथमिक संसाधनों का उपयोग कर पूरे क्षेत्र में स्थायी आर्थिक समृद्धि ला सकता है।

मेला में 18 हजार से अधिक किसानों एवं आमजनों ने किया भ्रमण
इस मेला में आज पहले दिन आत्मा योजना के माध्यम से पटना एवं मगध प्रमंडल के सभी जिलों से तीन हजार से अधिक किसानों सहित राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 18 हजार किसानों एवं आम जनों ने अतिआधुनिक एवं उपयोगी कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन व जानकारी प्राप्त की। राज्यस्तरीय इस यांत्रिकरण मेला में देश के विभिन्न यंत्र निर्माता, प्रतिष्ठानों व आईआईटी पटना सहित सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों के कुल 128 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। स्टेट पवेलियन में कृषि एवं कृषि संबद्ध प्रक्षेत्र से संबंधित स्टॉल पर प्रर्दश को प्रदर्शित एवं विक्री किए जाने हेतु 28 स्टॉल स्थापित किए गए है। जिसमें विभिन्न उत्पाद जैसे मखाना, ड्रोन, शहद, जैविक उत्पाद, जैविक कम्पोस्ट, गन्ना उत्पाद, कॉपरेटिव एवं पौधा, सब्जी पौधा व बिहार कृषि ऐप आदि का स्टॉल लगाया गया है।
मेला में कई विभागों व संस्थानों द्वारा लगाया गया स्टॉल
इस मेला में कृषि यंत्रों के अतिरिक्त उद्यान, बिहार राज्य बीज निगम, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण, बामेती, डिजिटल क्रॉप सर्वे, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, प्रसस्ंकृत कृषि उत्पादों आदि का प्रदर्शन एवं बिक्री किया जा रहा है। साथ ही एग्रो प्रोसेसिंग यंत्रों की भी बिक्री एवं प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इस मेला में डेयरी, मत्स्य एवं संसाधन विभाग, कॉम्फेड, सहकारिता विभाग, उद्योग विभाग, गन्ना उद्योग विभाग व सीडब्ल्यूसी आदि द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं।

किसान पाठशाला का आयोजन
साथ ही मेला परिसर में प्रत्येक दिन किसान पाठशाला का आयोजन भी किया जा रहा है। इस क्रम में आज प्रतिभागी किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय पदाधिकारियों द्वारा कृषि यांत्रिकरण योजना की जानकारी के साथ-साथ उपयोगी कृषि यंत्रों (बुआई से कटाई तक) का उपयोग, परिचालन एवं रख-रखाव, कृषि यांत्रिकरण योजना अन्तर्गत ऑन-लाईन आवेदन करने की प्रक्रिया, पात्रता एवं अनुदान का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया, भुगतान से संबंधित सॉफ्टवेयर और फसल अवशेष प्रबंधन के उपयोगी यंत्रों की भी जानकारी दी गई।
कृषि यंत्रों की बिक्री पर 59.52 लाख रुपए से अधिक का अनुदान
वहीं आज इस मेला में 130 कृषि यंत्रों पर कुल 59.52 लाख रुपए से अधिक का अनुदान दिया गया। इन कृषि यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 1.53 करोड़ रुपए से अधिक है। इस प्रकार मेला में किसानों को कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, तकनीकी ज्ञान एवं उन्हें अनुदानित दर पर क्रय करने का लाभ एक ही साथ मिल रहा है। साथ ही कृषि एवं कृषि से संबद्ध क्षेत्रों की तमाम योजनाओं/क्रियाकलापों की जानकारी इस मेले में किसानों, व्यवसायियों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स को मिलेंगे। इस मेले में प्रवेश हेतु किसी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। कोई भी किसान स्वेच्छा से इस प्रदर्शनी/मेला में भाग ले सकते हैं। इस प्रकार मेला में किसान भाई-बहन उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए उसे क्रय कर अपनी आमदनी एवं जीवन शैली में गुणात्मक वृद्धि कर पाएंगे।

राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकरण प्रदर्शनी (एग्रो बिहार, 2026) के मुख्य आकर्षण
आपको बता दें कि लगभग दो लाख से अधिक वर्ग फीट क्षेत्र में लगने वाले इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इस प्रदर्शनी में बिहार के अलावे हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व पश्चिम बंगाल के कृषि यंत्र निर्माता भाग ले रहे हैं। राज्य एवं राज्य के बाहर के वरीय पदाधिकारी, वैज्ञानिक, बुद्धिजीवी, उद्यमी भी मेला में भाग लेंगे। प्रत्येक दिन किसान पाठशाला में किसानों को बुआई से कटाई तक के नवीनतम कृषि यंत्र, फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र, बागवानी से संबंधित कृषि यंत्र, ड्रोन की उपयोगिता एवं महत्व, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का महत्व, खरपतवार नियंत्रक व निकाई-गुराई संबंधित यंत्र व कृषि यंत्रों की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए कल-पूर्जों के रख-रखाव एवं अन्य संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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