हजार जवानों पर भारी आदमखोर, भय के साये में ग्रामीण

Bagaha-आदमखोर पर नजर- गोवर्धना थाना अंतर्गत बलुआ गांव में बाघ के हमले में मां बेटे की मौत के बाद

परिजनों के द्वारा पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए देने से इंकार कर दिया गया है.

इस बीच वन विभाग ने मृतक के परिजन को 10 लाख रुपये का मुआवजे का एलान किया है.

आदमखोर पर नजर के लिए ड्रोन का सहारा

आदमखोर बाघ को मारने के लिए बगहा एसडीएम दीपक कुमार मिश्रा,

एसपी किरण कुमार गोरख जाधव के साथ पूरा प्रशासनिक महकमा लगा हुआ है,

बाघ की खोज के लिए ड्रोन कैमरे का भी सहारा लिया जा रहा है.

प्रशासन के द्वारा बलुआ गांव में वन विभाग, एसटीएफ, एसएसबी और पुलिस की तैनाती कर दी गयी है,

आदमखोर को ठिकाने लगाने के लिए नेपाल के चितवन जंगल से विशेषज्ञ को भी बुलाया गया है.

यहां बतला दें कि आदमखोर ने चार दिनों के अन्दर चार लोगों को अपना निवाला बनाया है.

जबकि नौ माह के अन्दर यह नौंवा शिकार है.

गन्ने की खेत पर जाल से घेराबंदी की कोशिश

इस बीच बाघ का गन्ने की खेत में छुपे होने की सूचना पर जाल से घेराबंदी करने की कोशिश की जा रही है,

साथ ही ड्रोन कैमरे का निगरानी भी रखी जा रही है.

आपको बताते चले कि वीटीआर का आदमखोर बाघ लगातार तीन दिन में 4 लोगों को मौत के घाट उतार दिया

गोबर्धना थाना क्षेत्र के बलूआ गांव में शनिवार की सुबह मां और बेटे पर हमला कर दिया था. बाघ के इस हमले में दोनों मां बेटे की मौत हो गयी थी, उसके बाद ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं, उनके द्वारा लगातार घरना प्रर्दशन किया जा रहा था, बाघ के हमले से आशंकित ग्रामीण रात रात भर सो नहीं पा रहे हैं,

नौ लोगों को निवाला बना चुका आदमखोर ढेर

 

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