झारखंड स्थापना दिवस

झारखंड में क्या है 1908, 2021 और 2022 का संजोग ?

11 नवंबर झारखंड के इतिहास लिए क्यों है खास ?

11 नवंबर झारखंड के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण है झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह बड़ा संयोग है कि 11 नवंबर 1908 को झारखंड में छोटा नागपुर काश्तकारी-सीएनटी अधिनियम, 1908, एक भूमि अधिकार कानून लागू हुआ था… वहीँ पिछले साल 11 नवंबर को 2021 में सरना धर्म कोड पारित किया गया था

इस साल 11 नवंबर 2022 है जहां महागठबंधन सरकार ने 1932 स्थानीयता नीति और ओबीसी आरक्षण देने का काम किया . झारखंड स्थापना दिवस पर राज्यवासियों को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सौभाग्य की बात है ऐसा संयोग बहुत कम बनता है गुरूजी शिबू सोरेन सामने बैठे हैं

जिन्होंने अलग राज्य बना कर हमें सौंपा आज उनके नेतृत्त्व में यह राज्य मिला .. उनके आशीर्वाद से ही सरकार ने 1932 स्थानीयता नीति और ओबीसी आरक्षण देने का काम किया है

उन्होंने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी मिलकर ऐसे ही अग्रसर राज्य को और आगे बढ़ाने का स्वाभिमान के साथ जीने का मार्ग प्रशस्त करें ….
बढ़ती महंगाई पर झारखंड सरकार ने बनायी कार्य योजना
पंचायतों में लगेगा शिविर, 31 लाख किसानों का चयन होगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि महंगाई को लेकर इन दिनों सबकी चिंता बढ़ी है

लेकिन राज्य सरकार की पूरी नजर बनी है उन्होंने लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि इसकी चिंता ना करे… कोरोना जैसी चुनौती को हमने पार किया है

राज्य में किसानों को सूखा से राहत दी जा रही है 226 प्रखंडों को चिन्हित किया गया है ..

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस के बाद फिर से गांवों में पंचायतों में शिविर लगाई जाएगी जहां 31 लाख किसानों का चयन होगा और किसानों को 3500 रू. अग्रिम सहायता के रूप में देने का काम किया जाएगा

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