रांची: झारखंड में 22 अगस्त से शुरू हुई उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। परीक्षा के शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान 60 मिनट में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने में अब तक 12 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है।
पलामू में सबसे ज्यादा 5 अभ्यर्थियों की मौत हुई है, जबकि अन्य मौतें गिरिडीह, रांची, गोड्डा, और हजारीबाग में हुई हैं। मृतकों की उम्र 25 वर्ष से कम है, और तीन मामलों का पोस्टमार्टम रिम्स में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दौड़ के दौरान अचानक अभ्यर्थियों का ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ रहा था और हार्ट अटैक की वजह से उनकी जान गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक का मुख्य कारण गर्मी और 10 किलोमीटर की लंबी और थकाऊ दौड़ है। दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों का बीपी तेजी से बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा उत्पन्न होता है। यह समस्या और गंभीर हो जाती है जब अभ्यर्थी दौड़ के दौरान अपनी असहजता को नजरअंदाज कर देते हैं और सही समय पर आराम नहीं करते।
डॉक्टरों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिना प्रैक्टिस और एक्सरसाइज के 10 किलोमीटर की दौड़ को पूरा करने की कोशिश करना हानिकारक हो सकता है। अभ्यर्थियों को दौड़ के दौरान अपने शरीर की सुननी चाहिए और किसी भी असहजता के संकेत पर तुरंत बैठ जाना चाहिए।
सभी मौतें इस बात का संकेत हैं कि शारीरिक दक्षता परीक्षण की मौजूदा प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। झारखंड में 583 उत्पाद सिपाही की भर्ती के लिए सात केंद्रों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हो रही है। पुरुष अभ्यर्थियों को 60 मिनट में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होती है, जबकि महिला अभ्यर्थियों के लिए यह समय 40 मिनट है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि महिलाओं के लिए दौड़ का समय 2017 में संशोधित किया गया था।
वर्तमान में, सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लें और ऐसे उपाय अपनाएं जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
अभ्यर्थियों की सूची जिन्होंने अब तक अपनी जान गंवाई:
- अमरेश कुमार, गया
- अजय महतो, रांची
- सूरज वर्मा, गिरिडीह
- पिंटू कुमार, गिरिडीह
- दीपक कु. पासवान, पलामू
- सुमित कुमार, गोड्डा
- विकास लिंड, रांची
- महेश कुमार, हजारीबाग
- अरुण कुमार, पलामू
- प्रदीप कुमार, गोड्डा
- दो अन्य (नाम प्रकाशित नहीं)
मौतों की संख्या केंद्रों के अनुसार:
- पलामू (चियांकी हवाईअड्डा): 05
- हजारीबाग (पदमा): 02
- गिरिडीह (पुलिस केंद्र): 02
- रांची (टेंडर ग्राम रातू): 01
- पूर्वी सिंहभूम (मुसाबनी): 01
- साहिबगंज (जैप-901): 01
इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना अनिवार्य है ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों की जान को जोखिम में डालने वाली परिस्थितियाँ ना बनें।

