मुंगेर : ट्रांसपोर्ट हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है। हथियार के साथ सात अपराधी गिरफ्तार हुआ है। एसपी ने कहा कि वर्चस्व और गैंगवार को लेकर ट्रांसपोर्ट रामचंद्र यादव की हत्या। हुई थी। दरअसल, मामला है चार अगस्त की देर शाम वासुदेवपुर ओपी क्षेत्र के महज 100 मीटर दुरी और तीन बाइक पर नौ अपराधियों ने आईटीसी केमखा निवासी रामचंद्र यादव और उसके पुत्र राहुल कुमार को गोली मार दी। वहीं इस घटना में ट्रांसपोर्ट रामचंद्र यादव की घटनास्थल पर मौत हो गई थी।
वहीं इस घटना के बाद मृतक रामचंद्र यादव के परिजनों द्वारा वासुदेवपुर ओपी में हत्या में संलिप्त सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं पुलिस के दबिश के बाद एक आरोपी सोनू कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था लेकिन अन्य अभियुक्त फरार चल रहे थे। वहीं इस मामले का उदभेदन करते हुए जिला एसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि ट्रांसपोर्टर रामचंद्र यादव की हत्या के बाद सदर एसडीपीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया। अग्रतर कार्रवाई करते हुए सात लोगों की गिरफ्तारी की गई। जिसके पास से दो देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा, 12 जिंदा कारतूस एक खोखा एक मैगजीन चार मोबाइल और दो बाइक को बरामद किया गया।
एसपी ने कहा कि सात अभियुक्त में दो अप्राथमिकी अभियुक्त अनुराग और कुंदन है। वहीं इस मामले में अबतक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चूका हूं और तीन लोग फरार है जल्द ही सबकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। एसपी ने कहा कि मृतक रामचंद्र यादव पर हत्या सहित कई मामले वासुदेवपुर में दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार यादव के भाई गोलू कुमार की हत्या 2017 में निर्मम तरीके से हुई थी। जिसमें मृतक रामचंद्र यादव सहित उसके परिवार और सहयोगी जेल जा चुके है।
एसपी ने कहा कि वर्चस्व और गैंगवार को लेकर रामचंद्र यादव की हत्या की गई है। मुकेश और राजा रामचंद्र यादव के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए आसपास के युवकों को साथ में लेकर एक गैंग को तैयार कर रहा था। जिसे रामचंद्र यादव और उसके सहयोगी को नागवार गुजरा इसको लेकर अक्सर मारपीट और लड़ाई हो रही थी। इसी को देखते हुए राजा और मुकेश ने रामचंद्र यादव और उसके बेटे की हत्या की साजिश रची और क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करना चाहता था। इसी को लेकर चार अगस्त को घर के पास बैठे रामचंद्र यादव और उसके बेटे को राहुल को गोली मारी। इस घटना में राहुल घायल हो गया और लेकिन उसके पिता की मौत हो गई।
अम्रितेश सिन्हा की रिपोर्ट







