रांची: झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य में नदियों / जल स्रोतों के अतिक्रमण तथा साफ-सफाई को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान एमीकस क्यूरी इंद्रजीत सिन्हा को राज्य सरकार के शपथ पत्र को देखने को कहा.
साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए सात नवंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश ने शपथ पत्र दायर कर एक्शन प्लान की जानकारी दी. उन्होंने खंडपीठ को बताया कि आज हो शपथ पत्र दायर किया गया है. ककि डैम, गेतलसूद डैम व हटिया डैम (धुर्वी) में पर्याप्त पानी है, शुरू में बारिश कम हुई थी, लेकिन बाद में अच्छी बारिश के कारण डैम में पानी का स्तर बढ़ गया. जुडको व रांची नगर निगम पेयजलापूर्ति से संबंधित योजना बनाते हैं.
वहीं रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने पैरवी की. बताया गया कि जलस्रोतों के आसपास अतिक्रमण हटाने को लेकर जिला प्रशासन के साथ संयुक्त टीम काम कर रही है. अतिक्रमण हटा
दिया गया है.
अतिक्रमण की जानकारी मिलने पर त्वरित कदम उठाया जाता है. उल्लेखनीय है कि नदियों / जलस्रोतों के अतिक्रमण व साफ-सफाई के मामले को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था. पूर्व में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार व रांची नगर निगम को तीन माह के अंदर जलस्रोतों के आसपास से अतिक्रमण हटाने को कहा था.
वहीं पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मानसून में कम वर्षां को देखते हुए राज्य सरकार को एक्शन प्लान पेश करने का निर्देश दिया था, ताकि गरमी के समय पेयजल की समस्या नहीं हो सके.
सरकार ने कहा :


