रांची: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकार (सीसीपीए) की चीफ कमिश्नर निधि खरे ने आइएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट खान स्टडी ग्रुप (केएसजी) पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
संस्था द्वारा भ्रामक प्रचार करने की वजह से यह दंडात्मक कार्रवाई की गयी है. सीसीपीए ने उपभोक्ताओं के अधिकार के संरक्षण के उद्देश्य से खान स्टडी ग्रुप द्वारा प्रचार के लिए किये गये दावों की जांच की. जांच में इसे गलत पाया गया.
खान स्टडी ग्रुप ने अपने प्रचार के लिए चार गलत बातों का इस्तेमाल किया है. संस्था की प्रचार सामग्री में यह दावा किया गया था कि
यूपीएससी के सफल 933 छात्रों में से 682 खान स्टडी ग्रुप के हैं. सिविल सेवा परीक्षा 2022 के सभी पांचों टॉपर खान स्टडी ग्रुप के हैं. वर्ष 2022 की टॉपर इशिता किशर खान स्टडी ग्रुप से है. जेनरल स्टडीज के मामले में खान स्टडी ग्रुप देश का सबसे बेहतर कोचिंग संस्थान है. सीसीपीए ने खान स्टडी ग्रुप
द्वारा किये गये इन दावों के सिलसिले में नोटिस भेज कर जानकारी और दावों से संबंधित सबूत मांगा. संस्था ने सीसीपीए को भेजे गये जवाब में यह जानकारी दी कि 682 सफल उम्मीदवारों में से 674 उसके संस्थान से मॉक इंटरव्यू प्रोग्राम में शामिल हुए। थे.
सीसीपीए ने संस्था के दावों की जांच की. इसमें यह पाया गया कि 682 सफल उम्मीदवारों में से आठ उम्मीदवारों ने संस्था से एडिशनल कोर्स में सलाह लिया था. खान स्टडी ग्रुप ने अपने विज्ञापन में इस तथ्य को सार्वजनिक नहीं किया था. सीसीपीए ने सभी पहलुओं की जांच के बाद खान स्टडी ग्रुप पर भ्रामक विज्ञापन कर छात्रों को लुभाने के आरोप में पांच लाख रुपये का जुर्माना किया है.

















