मोतिहारी : मोतिहारी में बीते दिनों घोड़ासहन स्टेट बैंक के समीप हुए आगलगी मामले में तीन लोगों की मौत के बाद सीएचसी की लापरवाही मामले की जांच करने मंगलवार को अनुमंडल स्तर से गठित तीन सदस्यी जांच टीम सीएचसी में पहुंची। पदाधिकारियों ने विभिन बिंदुओं पर जांच पड़ताल किया। हॉस्पिटल में उपस्थित सभी स्वस्थ कर्मियों से आवश्यक पूछताछ कर सभी के बयानों को कलमबद्ध किया।
साथ ही स्थनीय लोगों से भी घटना के संबंध आवश्यक जानकरी एकत्र की गई। जांच टीम में ढाका अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुधीर गुप्ता सिकरहना अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अमृत राज एवं स्थनीय अंचलाधिकारी शिवशंकर गुप्ता शामिल थे। सभी अधिकारियों ने बारी-बारी से उपस्थित सीएचसी के डॉक्टर, स्वस्थ कर्मी एवं गार्डो से घटना के बारे में जानकरी ली गई।
स्थनीय लोगों से जानकरी लेने के दौरान एक उपस्थित युवक विवेक घोष ने बताया कि जब गंभीर स्थिति में झुलसे सुबोध के पुत्र रौंशन को लाया गया उस समय हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था। एक स्वस्थ कर्मी ने कही से ऑक्सीजन का सिलेंडर लेकर आया और पाइप को नाक में लगाया जब पाइप देखा गया उसमें हवा नहीं आ रही थी। पानी में लगाया गया तो कोई बुलबुला नहीं निकल रहा था। खाली सिलेंडर के माध्यम से संतुष्टि के लिए ऑक्ससीजन चढ़ाया जा रहा था। मोतिहारी ले जाने के क्रम में रास्ते में रौशन की मौत हो गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आयुष चिकित्सकों के भरोसे हॉस्पिटल चल रही थी। घटना के समय हॉस्पिटल प्रभारी मौजूद नहीं थे। सीओ शिवशंकर गुप्ता में बताया कि दोनों पक्षों की बातों को सुना गया है। जांच रिपोट अनुमंडल पदाधिकारी को भेजी जाएगी। मौके पर डॉ. कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ. राम नरेश प्रसाद, डॉ. वरुण सिकंदर,स्थनीय लोगों में अकाश जायसवाल, नवीन सिंह बघेला, सूरज कुमार, मुकेश कुमार और चंचल कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
राजीव रंजन की रिपोर्ट







