RWD के तहत सुदूर गांव और टोलों को जोड़ा जा रहा मुख्य सड़क से, मंत्री अशोक चौधरी ने कहा…

पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार राज्य में लगातार सड़क निर्माण को प्रमुखता दी जा रही है। शुक्रवार को बिहार ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के मंत्री अशोक चौधरी ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में राज्य में सुदूर गांवों को भी पक्की सड़क के माध्यम से मुख्य सड़कों से जोड़ा जा रहा है।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य में कुल 1 लाख 29 हजार 290 बसावटों एवं एक लाख 29 हजार 554 किलोमीटर पथ निर्माण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से अब तक 1 लाख 18 हजार 925 बसावटों को संपर्कता प्रदान करते हुए एक लाख 17 हजार 550 किलोमीटर पथों का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना। इस योजना के तहत सुदूरवर्ती गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ा जा रहा है। यह योजना 2013-14 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 100 या उससे अधिक की आबादी वाले ग्रामीण बसावटों को बारहमासी सड़कों का निर्माण कर मुख्यधारा से जोड़ना है। ऐसे सड़कों की लंबाई 38156.90 किलोमीटर पथों एवं 342 पुलों की स्वीकृति दी गई है। इसमें से अब तक 32286.09 किलोमीटर सड़क निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 27 जिलों में पांच सौ तक एवं एकीकृत कार्य योजना वाले 11 जिलों में 250 तक एवं इन जिलों में वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित चिह्नित 47 प्रखंडों की आबादी वाली अनजुड़े पात्र बसावटों को बारहमासी सड़कों के माध्यम से एकल संपर्कता प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2000-01 से अब तक भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत 55035.40 किमी सड़क तथा 1206 पुलों की स्वीकृति प्रदान की गई जिसमें अब तक 52714.55 किमी सड़क और 1154 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 2456.47 किमी सडकों को स्वीकृति दी गई जिसमें से करीब 2437.40 किमी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत भी राज्य में सुदूर टोलों को संपर्कता दी गई है।

राज्य की योजना

मंत्री ने कहा कि राज्य में नाबार्ड के तहत सरकार को उपलब्ध कराई जाने वाली ऋण कोष के अंतर्गत ग्रामीण कार्य विभाग के पथों, पुलों के निर्माण एवं चौड़ीकरण का उद्देश्य ग्रामीण सड़कों के संपर्कता में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों को उद्योगोन्मुखी करना है ताकि किसानों को अधिक फायदा मिल सके। सड़क के सुदृढ़ीकरण से किसानों के कृषि उत्पादों को बेहतर उत्पादन एवं उचित मूल्य प्राप्त करने में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ नवीनीकरण एवं अनुरक्षण कार्यक्रम

मंत्री ने कहा कि अब तक ग्रामीण पथों की अनुरक्षण की नीति सार्वभौमिक नहीं थी लेकिन राज्य सरकार ने पहली बार अभूतपूर्व कदम उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा निर्माण एवं पंचवर्षीय अनुरक्षण के पश्चात् पथों के अनिवार्य अनुरक्षण हेतु बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 लागू की गई। इस नीति किस शुरुआत वर्ष 2018-19 में की गई थी। इसके अंतर्गत राज्य में निर्मित सभी ग्रामीण पथों का अनुरक्षण एवं मरम्मति कार्य कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में विभिन्न योजनाओं से निर्मित एवं पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि से बाहर हुए वैसे पथ जिनकी निरूपण अवधि पूर्ण हो चुकी है अथवा निरूपण अवधि के पूर्व ही निरुपित यातायात प्राप्त कर लिया गया इसके अतिरिक्त पथ के अधिक जनोपयोगी होने या किसी ढांचागत विकास के संभावित यातायात अधिक होने की स्थिति में विभाग द्वारा पथ का चयन कर पुनर्निर्माण कराया जा रहा है।

इसके साथ ही वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री सेतु योजना को स्वीकृति दी गई है। इस योजना का कार्यान्वयन की निधि राज्य सरकार द्वारा बजट के नए उपशीर्ष द्वारा वहन की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न जिलों से प्राप्त जिला संचालन सूची के आधार पर करीब तीन हजार करोड़ की लगत से लगभग 600 पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

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पटना से महीप राज की रिपोर्ट

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