Home South Chotanagpur Ranchi बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त, सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है

बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त, सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है

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बाबूलाल मरांडी का आरोप:  झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त, सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है
बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त, सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ग्रामीण जिला महामंत्री अनिल टाइगर महतो की दिनदहाड़े हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना काके चौक पर हुई, जो थाना से मात्र 100-125 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस हत्याकांड के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, और पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अपराधियों को पकड़ने के बजाय जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पकड़े गए अपराधी को जनता ने खुद पीछा करके पकड़ा, लेकिन पुलिस इसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।

मरांडी ने राज्य की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक ही अधिकारी डीजी पुलिस, सीआईडी, एसीबी और स्पेशल ब्रांच का जिम्मा संभाल रहा है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था कैसे सुधर सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों से वसूली कर रही है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

उन्होंने रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक ये अधिकारी अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक राज्य में अपराध बढ़ता रहेगा।

इसके अलावा, मरांडी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान पार्टी कार्यकर्ता केवल लोगों से समर्थन मांग रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उनके घर तक पहुंची और उनसे सड़क पर उतरने को लेकर सवाल किए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार डर गई है और विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

बाबूलाल मरांडी ने अंत में कहा कि झारखंड में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है, और राज्य सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

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