कोरोना के 12 वैक्सिन लेकर चर्चा में आये ब्रह्मदेव मंडल पर प्राथमिकी दायर होने पर भड़के पप्पू यादव

Madhepura- कोरोना के 12 वैक्सिन लेने के दावे के बाद सुर्खियों में आए ब्रह्मदेव मंडल पर अब राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष ब्रह्मदेव मंडल के बहाने कोरोना वैक्सिनेशन के लिए बनाई गयी रणनीति पर सवाल खड़े कर रहा है, आधार कार्ड से जोड़े जाने के बाद भी 12 वैक्सिन लेने में सफल होने पर प्रश्न खड़े कर रहा है. साथ ही 12 वैक्सीन लेने के बाद भी यदि ब्रह्मदेव मंडल स्वस्थ्य है तो यह सवाल खडा कर रहा है कि कहीं यह वैक्सीन नहीं होकर सिर्फ पानी तो नहीं है.

आपको बता दें कि 12 बार वैक्सिन लेने के दावे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ब्रह्मदेव मंडल के विरुद्ध 8 जनवरी को धारा 419/420 और 188 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया गया है.

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लेकिन इस बीच मधेपुरा सदर राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने एसपी को पत्र लिख कर ब्रह्मदेव मंडल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है. प्रो. चंद्रशेखर ने अपने पत्र में लिखा है कि 12 वैक्सीन लेने के बाद भी एक 84 वर्षीय व्यक्ति कैसे सुरक्षित है?  जब वैक्सीन के दो डोज के बीच का अंतर सरकार ने 84 दिन निर्धारित किया तो फिर भी 48 घंटे के भीतर दो बार वैक्सीन लेने वाले 84 वर्षीय व्यक्ति पर वैक्सीन का कोई प्रतिकूल प्रभाव क्यों नहीं पड़ा?  ब्रह्मदेव मंडल के इस दावे में कितनी सच्चाई है कि वैक्सीन लेने के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ.  क्या वैक्सीन सच में दर्द निवारक का काम करती है?

इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य महकमे और सरकार को घेरते हुए प्रो. चंद्रशेखर ने लिखा है कि इस घटना के बाद ब्रह्मदेव मंडल फरार चल रहे हैं और उनका परिवार डरा हुआ ह. एक व्यक्ति का 12 बार कोरोना वैक्सीन लेना सिर्फ उस व्यक्ति के ऊपर नहीं, बल्कि कोरोना वेक्सिनेशन को लेकर बनायी गई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

जब सरकार ने वैक्सीनेशन प्रक्रिया को आधार कार्ड से जोड़ा दिया है तो फिर बार-बार वेक्सीन लेने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञ कैसे रहा?  क्या इसके लिए सिर्फ वैक्सीन लेने वाला ही दोषी है?  ऐसे और भी कई सवाल हैं जिसका जवाब पुलिस और कोरोना पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों को देना चाहिए. यह घटना वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना और उसकी दवा आदि पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के लिए अनुसंधान का विषय हो सकता है. विधायक ने एसपी के नाम लिखे इस पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी को भी भेजा है.

राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने वैक्सीन पर भी सवाल उठाते हुए लिखा है कि क्या यह सिर्फ पानी है, जिसके नाम पर लाखों करोड़ो रुपये बहाए जा रहे हैं.ॉ

ब्रह्मदेव मंडल के साथ आपराधिक व्यवहार बर्दास्त नहीं-पप्पू यादव

इधर इस मामले में जाप अध्यक्ष  पप्पू यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है और कहा है कि खुद की गलती  छुपाने के लिए एक बुजुर्ग को परेशान किया जा रहा है. पुलिस एक क्रिमिनल की तरह ब्रह्मदेव मंडल और उसके परिवार के साथ व्यवहार कर रही है.  यह बर्दाश्त करने लायक नहीं है.

जबकि इस मामले में मधेपुरा एसपी ने कहा कि ब्रह्मदेव मंडल के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग प्राथमिकी दर्ज करवायी है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि 84 वर्षीय ब्रह्मदेव मंडल ने अलग-अलग पहचान पत्र और मोबाईल नंबर का सहारा लेकर 12 बार  कोरोना का वैक्सीन लिया है जो कि स्वास्थ्य विभाग की नज़र में एक अपराध है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है पुलिस तमाम विन्दुओं पर अनुसन्धान करेगी. ब्रह्मदेव मंडल से भी हमारे अनुसंधानकर्ता पूछ-ताछ करेगें आखिर किस परिस्थिति में उनके द्वारा 12 बार कोरोना का वैक्सीन लिया गया और स्वास्थ्य विभाग को गुमराह किया. चुकीं आरोपी एक वृद्ध व्यक्ति है इसलिए पुलिस इस मामले में पूरी पूछताछ सहानुभूति पूर्वक करेगी.

लेकिन जब मधेपुरा एसपी का ध्यान स्थानीय विधायक और पूर्व संसद द्वारा ब्रह्मदेव मंडल की गिरफ़्तारी पर रोक लगाने की मांग के सम्बन्ध में पूछा गया तो एसपी ने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने डिमांड किया है मैं इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कहूँगा पुलिस अपना काम करेगी

बहरहाल 11 माह में 12 डोज कोरोना वेक्सिन लेने वाले ब्रह्मदेव मंडल फ़िलहाल फरार चल रहे हैं. ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि पुलिस द्वारा ब्रह्मदेव मंडल से पूछताछ के बाद उन्हें थाने से ही बेल दे दिया जाएगा. लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि अब इस मामले पर पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करती है.

रिपोर्ट-राजीव रंजन

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