पटना : बिहार में नवाचार और तकनीकी विकास का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। उद्योग विभाग की तरफ से बिहार आइडिया फेस्टिटिल में प्रथम स्थान पटना जिले के रहने वाले शशि कुमार ने पाया है। इन्होंने पोर्टेबल ऑटोमेटेड मेडिकल वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्रणाली विकसित किया है। यह प्रणाली स्वास्थ्य और मेडिकल से जुड़े संस्थानों से निकलने वाले मेडिकल कचरे का हानिकारक पानी का ऑटोमेटिक तरीके से उपचार करके उसे पर्यावरण के अनुकूल बनाता है। उन्हें सरकार की तरफ से उन्हें 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है।

सहरसा के आदर्श आरव को पुरस्कार स्वरूप 21 हजार प्रदान किए
वहीं दूसरे स्थान पर सहरसा के आदर्श आरव को पुरस्कार स्वरूप 21 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। आदर्श ने गरुड़नेत्र नामक एआई पावर्ड ऑटोनोमस ड्रोन प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह ड्रोन प्लेटफॉर्म खासकर कठिन इलाकों जैसे पर्वतीय क्षेत्र, मरुस्थल और युद्ध क्षेत्र में सर्विलेंस, डिजास्टर रिस्पॉन्स, लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलिंग कार्य में सक्षम है। तीसरे स्थान पर आई पश्चिमी चंपारण की शांभवी शर्मा ने भी ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष रूप से वायु ज्योति नामक लो स्मोक, हाई एफिशिएंसी कुकिंग स्टोव विकसित की है। यह चूल्हा पारंपरिक कुकिंग स्टाइल को जीवित रखते हुए धुएं को 60 प्रतिशत तक कम करता है और लकड़ी की खपत में 20 प्रतिशत तक बचत करता है। उन्हें भी 15 हजार रुपए की राशि दी गई।
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अजीत कुमार ने वेस्ट टू वेल्थ परियोजना के तहत कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी का निर्माण किया है
इसी कड़ी में चौथे स्थान पर सीवान के अजीत कुमार ने वेस्ट टू वेल्थ परियोजना के तहत कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी का निर्माण किया है, जो बायोगैस का उपयोग करके कार्य करती है। उन्हें भी 11 हजार रुपए की राशि दी गई। पांचवें स्थान पर पटना के युग श्रीवास्तव ने भारत का पहला एआई पावर्ड लीगल ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया है। यह सिस्टम लीगल कंसल्टेंसी, कोर्ट वर्कफ्लो, कंप्लायंस, ड्राफ्टिंग और एजुकेशन को एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इन्हें भी सरकार की तरफ से पांच हजार रुपए की राशि दी गई। इन विजेताओं को बिहार स्टार्टअप निति-2022 के तहत मिलेगा पिचिंग राउंड में सीधा प्रवेश दी जाएगी।
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