Irfan Ansari के बयान पर अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भड़कते हुए नजर आए. बाबूलाल मरांडी ने ने राज्य के बड़बोले मंत्री इरफान अंसारी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अविलंब बर्खास्त करने का आग्रह किया है. बाबूलाल मरांडी ने एसआई आर को लेकर बीएलओ को बंदी बनाए जाने संबंधी इरफान अंसारी के असंवैधानिक बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश का संविधान चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों की शुद्धता और सटीकता बनाए रखने के पूर्ण अधिकार देता है. लेकिन विडंबना यह है कि संविधान बचाने का ढोल पीटने वाले राहुल गांधी के करीबी और झारखंड सरकार के कांग्रेसी मंत्री इरफान अंसारी ही संवैधानिक प्रक्रिया में बाधक बन रहे हैं और सार्वजनिक मंच से BLO को ‘घर में बंद करने’ और ‘बंधक बनाने’ जैसी धमकी दे रहे हैं.
Irfan Ansari पर हमलावर हुई आजसू पार्टी, कहा- ‘SIR के खिलाफ भड़काने…’
Irfan Ansari के बयान पर बाबूलाल मरांडी ने ये कहा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि SIR प्रक्रिया का मूल उद्देश्य वोटर सूची को पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है. इसके तहत मृत मतदाताओं के नाम हटाना, डुप्लीकेट नामों को हटाना, स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी अपडेट करना, नए मतदाताओं को शामिल करना, फर्जी नामों और घुसपैठियों को हटाने जैसे कार्य किए जाते हैं. यह संपूर्ण प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण आधार है.
कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाले बयान न केवल SIR प्रक्रिया को बाधित करते हैं, बल्कि पूरी चुनावी प्रणाली और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार है. जब किसी मंत्री के शब्द ही कानून-व्यवस्था और चुनावी कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दें, तो उसके पास पद पर बने रहने का न नैतिक और न ही संवैधानिक अधिकार रह जाता है.
कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति छोड़, संविधान की शपथ लेकर उसके विरुद्ध आचरण करने वाले इरफान अंसारी की तत्काल बर्खास्त करें. उन्होंने चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि मामले में सख्त कार्रवाई करें.
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