Jharkhand Excise:झारखंड में अवैध शराब पर Crackdown तेज, 24×7 गश्ती और थाना प्रभारियों पर सीधी जवाबदेही तय


Jharkhand Excise: झारखंड में अवैध शराब के खिलाफ उत्पाद आयुक्त का सख्त एक्शन, 24×7 गश्ती, थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी तय, जीटी रोड पर विशेष निगरानी


Jharkhand Excise रांची: राज्य में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर अब सख्ती से लगाम कसी जाएगी। उत्पाद आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र जारी कर जिला प्रशासन और पुलिस से सीधा सहयोग मांगा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी थाना या उत्पाद अंचल क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी और उत्पाद अंचल अवर निरीक्षक को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।

उत्पाद आयुक्त ने यह भी स्वीकार किया है कि विभाग में भारी संख्या में पद रिक्त होने के कारण हर क्षेत्र में नियमित निगरानी और छापेमारी संभव नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिला स्तर पर पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर विशेष अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है।


Key Highlights

• अवैध शराब मिलने पर थाना प्रभारी और उत्पाद अवर निरीक्षक होंगे सीधे जिम्मेदार

• सभी प्रमुख सड़कों पर 24×7 गश्ती के आदेश

• जीटी रोड के ढाबों, होटलों और वाहनों की नियमित जांच होगी

• विभाग में भारी संख्या में पद रिक्त, इसलिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया

• जिला उत्पाद पदाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाकर विशेष अभियान चलाए जाएंगे


Jharkhand Excise:अवैध शराब परिवहन पर रोक के लिए 24×7 गश्ती

आयुक्त ने निर्देश दिया है कि अवैध शराब और अन्य उत्पाद पदार्थों के परिवहन को रोकने के लिए सभी प्रमुख सड़कों पर चौबीसों घंटे गश्ती कराई जाए। विशेष रूप से जीटी रोड के आसपास के इलाकों को संवेदनशील मानते हुए यहां अवैध विदेशी शराब और स्प्रिट के भंडारण की आशंका जताई गई है। इस कारण जीटी रोड किनारे स्थित ढाबों, लाइन होटलों में खड़े टैंकर, कंटेनर और ट्रकों की नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Jharkhand Excise:कर्मियों की भारी कमी बनी बड़ी चुनौती

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में पदों की भारी कमी भी अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी बाधा बन रही है। विभाग में संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त उत्पाद, अधीक्षक, निरीक्षक, अवर निरीक्षक, सिपाही से लेकर प्रयोगशाला स्टाफ तक बड़ी संख्या में पद खाली हैं। कई जिलों में तो उत्पाद सिपाही और अवर निरीक्षक की उपलब्धता बेहद कम है, जिससे निगरानी और छापेमारी का काम प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से अब जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाया गया है।

Jharkhand Excise: जिला उत्पाद पदाधिकारी होंगे नोडल अधिकारी

छापेमारी और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के लिए जिला के उत्पाद पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक से समन्वय कर अवैध कारोबारियों के ठिकानों की सटीक जानकारी जुटानी होगी। सभी थाना क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी हिदायत दी गई है।

खुदरा दुकानदारों का भी सरकार को समर्थन मिला है। लाइसेंसधारी दुकानदारों ने आयुक्त से अवैध शराब पर रोक के लिए तेज छापेमारी की मांग की है, क्योंकि वैध शराब बिक्री पर ही राज्य का उत्पाद राजस्व निर्भर करता है। अवैध कारोबार से न केवल सरकार को नुकसान होता है बल्कि वैध कारोबार भी प्रभावित होता है।

Highlights

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img