खगड़िया : खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के इतमादी पंचायत स्थित +2उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित कुमार द्वारा आए दिन अनियमितता से ग्रामीण परेशान हैं। जिसको लेकर आए दिन तरह-तरह की वीडियो वायरल और शिकायतें देखने को मिलती है। मालूम हो जब विद्यालय में पूर्व में किए गए ग्रामीणों द्वारा शिकायत के आलोक में जांचोंप्रांत शिकायतें सत्य पाई गई। ग्रामीणों की शिकायत थी कि उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार विद्यालय में लेट से आने की आदत से मजबूर हैं।
पोर्टल पर विद्यालय आने का समय लगभग 11:00 बजे था
वहीं पोर्टल पर विद्यालय आने का समय लगभग 11:00 बजे था। जबकि दो बजे दोपहर ही विद्यालय से नदारत पाए गए। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि उक्त प्रधानाध्यापक के करतूत की शिकायत विभागीय जिला के आला अधिकारियों को भी कई बार शिकायत की गई। लेकिन विभाग में ऊंचा का रसुख रखने वाले इस प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई नहीं हुई।

उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय इतमादी में 3 विद्यालय संचालित है
बताते चलें कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय इतमादी में तीन विद्यालय संचालित है। वर्ग-1 से आठ तक में कुल नामांकित छात्र-छात्रा की संख्या 670 जबकि उपस्थित 350 है। शिक्षक आठ हैं। जबकि वर्ग-9 से 12 तक मैं नामांकित 341 शिक्षकों की संख्या सात थी। वहीं छात्र-छात्राओं से पूछताछ किया गया कि बिहार के मुख्यमंत्री कौन हैं। बच्चों ने जवाब में कहा नहीं जानते हैं। जब पांच वर्ग के छात्र से पूछा गया कि किस जिले में रहते हो तो उन्होंने जवाब दिया की बिहार जिला में रहते हैं। बिहार सरकार का नारा है, ‘सब पढ़ें सब लिखे’। जब बच्चे को बिहार के मुख्यमंत्री एवं किस जिले में रहते हैं। यहां तक की नाम पता नहीं है तो किस तरह से बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा।

‘विद्यालय में एकमात्र शौचालय है, साफ-सफाई का जिम्मेदार कौन है’
इस विद्यालय में एकमात्र शौचालय है। जिसकी साफ-सफाई का जिम्मेदार कौन है। यह विद्यालय प्रबंधन बताने में असक्षम है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक लेट से आना पहले जाना यह स्लोगन विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर सही बैठता है। ग्रामीण बताते हैं कि बेलदौर प्रखंड के सिंदूरवर्ती इतमादी में कोई वरीय पदाधिकारी निरीक्षण करने के लिए नहीं आते हैं। यहां बच्चों का भविष्य शून्य से भी नीचे गिरता जा रहा है। जिस तरह से बच्चों के भविष्य के साथ यहां के प्रधानाध्यापक खिलवाड़ कर रहे हैं। हम ग्रामीणों मैं आक्रोश पनप रहा है। जबतक वरीय पदाधिकारी संज्ञान नहीं लेंगे तो बच्चों का भविष्य अंधकार में हो जाएगा।

राजीव कुमार की रिपोर्ट
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