Koderma : विनोबा भावे यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित लॉ के सेमेस्टर 2 की कल होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र आज बंट जाने को लेकर JJ College में छात्रों का विरोध जताया। छात्रों द्वारा बताया गया कि आज होने वाली परीक्षा की जगह उन्हें 19 तारीख को होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र वितरित कर दिया गया है।
छात्रों ने बताया पूरा मामला
छात्रों ने बताया कि विनोबा भावे यूनिवर्सिटी द्वारा लॉ के सेमेस्टर 2 की परीक्षा 16 तारीख से 21 तारीख तक आयोजित की जा रही है। जिसके तहत आज लॉ ऑफ क्राइम 2 की परीक्षा होनी थी, लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा अगले दिन (19 फरवरी) को होने वाली सीपीसी के प्रश्न पत्र भेज दिए गए। छात्र जैसे ही परीक्षा देने के लिए बैठे और इन्हें महाविद्यालय द्वारा प्रश्न पत्र दिया गया, वैसे ही छात्र प्रश्न पत्र देखते ही अचंभित हो गए।
इसकी सूचना प्रिंसिपल को दी गई
उन्होंने देखा कि उन्हें लॉ ऑफ क्राइम 2 की जगह सीपीसी (Civil Procedure and limitations act) का प्रश्नपत्र मिला है। जिससे नाराज छात्रों ने इसकी सूचना जगन्नाथ जैन महाविद्यालय के प्रोफेसर और प्रिंसिपल को दी। बहरहाल प्राचार्य मिथिलेश उपाध्याय ने सभी छात्रों से प्रश्नपत्र वापस ले लिए और बिना विलंब किए इसकी सूचना विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रबंधन को दी।
छात्रों में दिखा रोष
आज की परीक्षा रद्द करने की सूचना छात्रों को दी। विश्वविद्यालय की इस घोर लापरवाही से छात्रों में खासा रोष देखा गया। छात्रों ने कहा कि एक तो विश्वविद्यालय द्वारा बिना अंतराल सारे विषयों की परीक्षाओं का समय सारिणी तैयार किया गया जो सरासर गलत है। वहीं उन्होंने कहा कि कई ऐसे परीक्षार्थी हैं जो दूसरे जिले और बिहार से परीक्षा देने आए हुए हैं, ऐसे में यहां किराए पर होटल या लॉज लेकर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
छात्रों ने रखी मांग
वहीं उन्होंने मांग की है कि आज और 19 फरवरी को होने वाली परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय जल्द नई घोषणा करे, जिससे विद्यार्थियों को आगे की स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं JJ College के प्राचार्य मिथिलेश उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिदिन प्रश्नपत्रों का एक सील लिफाफा आता है। पूरी गोपनीयता बरतते हुए सील खोलकर प्रश्न पत्र बांटे जाते हैं। आज होने वाली परीक्षा को लेकर भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि आज हुई समस्या से विश्वविद्यालय को अवगत करा दिया गया है। आगे की परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय निर्णय लेगा।
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