Ranchi Civil Court Order Controversy: सिविल कोर्ट रांची के रिलीज आदेश के बावजूद डोरंडा थाना ने अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त कार छोड़ने से किया इंकार, अनुसंधान पर स्टे का हवाला।
Ranchi Civil Court Order Controversy रांची: सिविल कोर्ट रांची के आदेश के बावजूद डोरंडा थाना ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त कार रिलीज करने से इंकार कर दिया। सड़क दुर्घटना मामले में 17 फरवरी से जब्त कार को छुड़ाने के लिए अधिवक्ता ने विधिक प्रावधान के तहत अदालत में आवेदन दायर किया था, जिस पर अदालत ने बांड लेकर वाहन छोड़ने का आदेश जारी किया।
Ranchi Civil Court Order Controversy:कोर्ट के रिलीज आदेश के बाद भी नहीं छोड़ी कार
सिविल कोर्ट रांची स्थित प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सुनवाई के बाद अधिवक्ता को बांड पर कार रिलीज करने का आदेश दिया। आदेश की प्रति लेकर अधिवक्ता शाम लगभग छह बजे डोरंडा थाना पहुंचे और रात 8:30 बजे तक वाहन प्राप्त करने के लिए इंतजार करते रहे।
अधिवक्ता के अनुसार, संबंधित अनुसंधानकर्ता जीशान अख्तर और थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद दोनों थाने में मौजूद नहीं थे। फोन पर संपर्क करने पर थाना प्रभारी ने वाहन छोड़ने से इंकार कर दिया।
Key Highlights
सिविल कोर्ट रांची ने बांड पर कार रिलीज करने का दिया आदेश।
डोरंडा थाना ने अनुसंधान पर स्टे का हवाला देकर किया इंकार।
17 फरवरी से सड़क दुर्घटना मामले में कार जब्त।
दोनों पक्षों की ओर से थाना में दर्ज है प्राथमिकी।
एसएसपी को भी मामले की सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई।
Ranchi Civil Court Order Controversy:थाना प्रभारी का तर्क, अनुसंधान पर स्टे
अधिवक्ता का कहना है कि जब उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई, तो थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में अनुसंधान पर स्टे है, इसलिए वाहन रिलीज नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में एसएसपी को भी व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन देर रात तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
Ranchi Civil Court Order Controversy:मामूली सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ विवाद
उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी को अधिवक्ता मनोज टंडन अपने आवास से हाईकोर्ट जा रहे थे। राजेंद्र चौक के पास उनकी कार से मवाज खान की मोटरसाइकिल टकरा गई थी। इस मामूली सड़क दुर्घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
दर्ज प्राथमिकी के आधार पर डोरंडा थाना ने कार और मोटरसाइकिल दोनों को जब्त कर लिया था। अब अदालत के आदेश और थाना के रुख को लेकर कानूनी बहस तेज हो सकती है।
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