Jharkhand: झारखंड में दीदियों की मेहनत का कमाल अब बाजार को अपनी ओर लुभाने लगा है। गांव में दीदियों के द्वारा तैयार पलाश ब्रांड के उत्पाद ने लंबी छलांग लगाई है। शुद्धता और पौष्टिकता से भरपूर ये उत्पाद अब पलाश मार्ट तक ही सीमित नहीं , बल्कि शहर के बड़े मॉल एवं सुपरमार्केट में ये आसानी से उपलब्ध होंगे। राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के मार्ग दर्शन में JSLPS ने रांची में पायलट परियोजना के तहत इसका शुभारंभ कर दिया है . रांची के सेल सिटी इलाके में पलाश ब्रांड के उत्पाद ने बाजार में धमाकेदार इंट्री ली है . पहले चरण में PALASH ब्रांड के 15 उत्पादों ने मॉल एवं सुपरमार्केट में अपनी जगह बनाई है . बहुत कम समय में ही ये उत्पाद ग्राहकों की पहली पसंद बनते जा रहे है। राज्य में पलाश के साथ जुड़कर करीब 2 लाख 6 हजार से ज्यादा महिलाएं उद्यमिता की दौड़ में शामिल है। JSLPS का उद्देश्य गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ – साथ सामाजिक बदलाव में अगुआ की भूमिका सुनिश्चित करना है।
पलाश ब्रांड के 15 उत्पाद शहर के मॉल एवं सुपरमार्केट में उपलब्ध ….
JSLPS की पहल पर पलाश ब्रांड के 15 उत्पाद को पहले चरण में मॉल एवं सुपरमार्केट में बिक्री के लिए शामिल किया गया है . इन उत्पादों में रागी आटा , मल्टीग्रेन आटा , प्लेन आटा , रागी कुकीज़ , मक्का निमकी , रागी लड्डू , बाजरा आटा , जामुन बीज पाउडर , फॉरेस्ट हनी , तिल लड्डू , सन्धना अचार , कटहल अचार , ओल अचार , लहसुन अचार , हरी मिर्च अचार शामिल है । समय के साथ उत्पादों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी . इन उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें गांव के स्वाद का खास ख्याल रखा गया है। मतलब किसी तरह की कोई मिलावट नहीं है। शुद्धता और पौष्टिकता के डबल डोज के तौर पर गांव की दीदियों के द्वारा तैयार उत्पाद को लोग हाथों हाथ खरीद रहे है।
उत्पाद को मॉल तक पहुंचाने के लिए मजबूत सप्लाई चेन सिस्टम ….
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पलाश ब्रांड की पहचान को स्थापित करना आसान नहीं है । इस सोच को ध्यान में रखते हुए गांव के उत्पाद को शहर तक पहुंचाने के लिए JSLPS ने मजबूत सप्लाई चेन तैयार किया है .
पहले गाँवों में दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद को पलाश मार्ट तक पहुंचाया जाता है . फिर वहाँ से शहर के मॉल एवं सुपरमार्केट तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है . इस पूरी प्रक्रिया में रिटेल आउटलेट्स और उत्पादकों के बीच औपचारिक समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं, जिससे उत्पाद की आपूर्ति और भुगतान दोनों सुनिश्चित हो सके . वैसे तो राज्य के लगभग सभी जिलों में पलाश ब्रांड के उत्पाद को महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा तैयार किया जा रहा है , लेकिन रांची , गोड्डा , खूंटी , गुमला , सिमडेगा , चाईबासा , जमशेदपुर , गिरिडीह और बोकारो जैसे जिलों की भूमिका महत्वपूर्ण है . गांव की दीदी स्थानीय संसाधन और पारंपरिक कौशल का उपयोग कर विभिन्न खाद्य उत्पादों को तैयार करने के साथ बेहतर पैकेजिंग भी कर रहीं है ।
देश के स्थापित सुपरमार्केट के साथ जुड़ने की योजना ….
PALASH ब्रांड के उत्पाद को झारखंड के बड़े मॉल एवं सुपरमार्केट तक पहुंचाने को लेकर JSLPS ने वृहद कार्य योजना तैयार किया है . सप्लाई चेन की मजबूती और उत्पादों के स्टॉक की बेहतर व्यवस्था के बाद पलाश ब्रांड के उत्पाद ग्राहकों के लिए पहले के मुकाबले और आसानी से उपलब्ध होंगे . JSLPS और ” अपना मार्ट ” के बीच सकारात्मक चर्चा हुई है . अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो राज्य के सभी ” अपना मार्ट ” में पलाश ब्रांड के उत्पाद मौजूद होंगे . इतना ही नहीं कुछ और ऐसे ही स्थापित सुपरमार्केट के साथ जुड़कर पलाश ब्रांड का बाजार में डंका बजाने की योजना है . इसी कड़ी में पलाश मार्ट की दीदी और उर्वी स्टोर के बीच औपचारिक रूप से एमओयू करने में JSLPS ने सफलता हासिल की है .
झारखंडी स्वाद मतलब PALASH के उत्पाद – दीपिका पांडेय सिंह
गांव से बाजार तक का ये सफर इतना आसान नहीं था , लेकिन कहते है ना कि जब महिला कुछ करने का ठान लेती है तो कुछ भी नामुमकिन नहीं रह जाता है . JSLPS से जुड़ी लाखों दीदियों का सपना आज उड़ान भरने को तैयार है . एक सपना जो उनके रोजगार के साथ , उनके स्वतंत्र पहचान से जुड़ा है . अब छोटे – छोटे समूह में चावल – दाल – पापड़ से लेकर अचार तक से दो पैसे का रोजगार करने वाली झारखंड की दीदियों के सामने खुला बाजार है . झारखंड के स्वाद को JSLPS ने पलाश ब्रांड के तौर पर एक पहचान दिलाने में सफलता पाई है . आज लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए शुद्धता और पौष्टिकता से समझौता करने को तैयार नहीं है . पलाश ब्रांड का हर एक उत्पाद ग्राहकों की उम्मीद और भरोसे पर शत प्रतिशत खरा उतरेगा।
Highlights







