रांची में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के नेत्रदान उत्सव के साथ मेले की शुरुआत हुई। गुरुवार शाम 5 बजे रथयात्रा निकलेगी, जो मौसीबाड़ी तक पहुंचेगी।
Rath Yatra 2026 रांची: रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 15 दिनों के एकांतवास के बाद बुधवार को भक्तों के दर्शन के लिए बाहर आए। भगवान के नेत्रदान उत्सव के साथ मंदिर के पट शाम पांच बजे खोले गए। इस अवसर पर 108 दीपों की भव्य मंगल आरती की गई और भगवान को इलायची दाना, बादाम तथा मालपुआ का विशेष भोग अर्पित किया गया। दोपहर तीन बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे और रात 8:45 बजे तक पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
Rath Yatra 2026: नेत्रदान उत्सव के साथ शुरू हुआ रथ मेला
भगवान के नेत्रदान उत्सव के साथ ही वार्षिक रथ मेले की भी शुरुआत हो गई है, जो 25 जुलाई तक चलेगा। मुख्य मंदिर से लेकर मौसीबाड़ी तक दुकानें सज चुकी हैं। मेले में खाने-पीने की वस्तुओं के अलावा पूजा सामग्री, खिलौने और अन्य सामानों की बिक्री शुरू हो गई है। पूजा-अर्चना मुख्य पुजारी रामेश्वर पाढ़ी ने संपन्न कराई। इस दौरान पंडित कौस्तुभधरनाथ मिश्रा, ऋषिकेश मोहंती सहित अन्य पुजारी भी मौजूद रहे।
Key Highlights:
15 दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ ने भक्तों को दर्शन दिए।
108 दीपों की मंगल आरती और विशेष भोग के साथ नेत्रदान उत्सव संपन्न।
गुरुवार सुबह 4 बजे मंदिर का पट खुलेगा, शाम 5 बजे रथयात्रा निकलेगी।
नेत्रदान उत्सव के साथ 25 जुलाई तक चलने वाले मेले की शुरुआत।
रथयात्रा के दिन बाल भोग और अन्न भोग एक साथ अर्पित किए जाएंगे।
Rath Yatra 2026: आज सुबह 4 बजे खुलेगा मंदिर, शाम 5 बजे निकलेगी रथयात्रा
गुरुवार तड़के चार बजे मंदिर का पट खोला जाएगा और सुबह पांच बजे से श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। दोपहर दो बजे दर्शन बंद हो जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे तक भगवान के विग्रहों को रथ पर विराजमान किया जाएगा और तीन बजे तक विशेष श्रृंगार होगा। शाम पांच बजे भव्य रथयात्रा शुरू होगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को जयकारों के बीच मौसीबाड़ी ले जाया जाएगा। शाम 6:45 बजे तक महिला श्रद्धालुओं को रथ पर चढ़कर पूजा-अर्चना करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद विग्रहों को मौसीबाड़ी में प्रवेश कराया जाएगा। शाम सात से आठ बजे तक आम श्रद्धालु पूजा कर सकेंगे और रात आठ बजे भगवान का शयन होगा।
Rath Yatra 2026: रथयात्रा के दिन एक साथ लगेगा बाल भोग और अन्न भोग
रथयात्रा के दिन भगवान को विशेष रूप से बाल भोग और अन्न भोग एक साथ अर्पित किया जाएगा। यह परंपरा वर्ष में केवल इसी दिन निभाई जाती है। अन्न भोग के साथ मीठे पुलाव का भी प्रसाद चढ़ाया जाएगा। वहीं रात्रि में मालपुआ, बुंदिया और छिलका रोटी का विशेष भोग भगवान को अर्पित किया जाएगा।
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