Delhi– छठी जेपीएससी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में दो घंटे जोरदार बहस हुई. अधिवक्ता विज्ञान शाह ने 1951 के बिहार सर्विस रूल का हवाला देते हुए मजबूती से प्रार्थियों का पक्ष रखा.
विवादों में रहा है छठी जेपीएससी
अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने प्रार्थी दिलीप कुमार का मजबूती से पक्ष रखते हुए कोर्ट को यह अवगत कराया कि
अगर झारखंड के सिंगल बेंच एवं डबल बेंच के जजमेंट को ही मान लिया जाए तो रिवाइज रिजल्ट, फाइनल मेरिट लिस्ट से ना होकर मेंस के मेरिट लिस्ट से बनाया जाना चाहिए था.
इसके लिए उन्होंने कोर्ट के समक्ष रिटन सबमिशन दिया है, जिस पर कोर्ट ने उन्हें कल 28-07-22 को अतिरिक्त समय दिया है.
अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने रखा पक्ष
सीनियर अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने प्रार्थी कीर्ति कुजूर का मजबूती से पक्ष रखते हुए कोर्ट को बतलाया कि
प्रार्थी की नियुक्ति में जेपीएससी द्वारा कोई अनियमितता नहीं बरती गई है,
अब जबकि उनकी नियुक्ति, ट्रेनिंग और पोस्टिंग भी हो चुकी है, ऐसे में उन्हें नौकरी से हटाया जाना अनुचित होगा.
कल सीनियर अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा भी अपना पक्ष रखेंगे.
आज बहस पूरी नहीं हो सकी, कल फिर 10:30 बजे से माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा समय दिया गया है.
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