नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित
वर्ल्ड सिटीज समिट में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर नहीं जा पाएंगे.
इसके लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है.
केजरीवाल का कहना है कि वह इस समिट में हिस्सा लेकर दिल्ली में शिक्षा व स्वास्थ्य
सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कामों की जानकारी देते लेकिन
दिल्ली के उप राज्यपाल ने यात्रा को मंजूरी दिए जाने की फाइल 21 जुलाई को लौटाई.
जबकि 20 जुलाई को इससे संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करनी थी.
उल्लेखनीय है कि उप राज्यपाल ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा को मंजूरी
संबंधी फाइल यह कहते हुए वापस कर दी थी कि
यह सम्मेलन मेयर का है और यह मुख्यमंत्री के पद के अनुरूप नहीं.
दिल्ली सरकार ने उप राज्यपाल से मांगी थी मंजूरी
गत जून में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने इस समिट में शामिल होने का न्योता दिया था, जिसके बाद सिंगापुर यात्रा के लिए दिल्ली सरकार ने उप राज्यपाल से मंजूरी मांगी थी. उप राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिलने पर केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी थी.
AAP ने केंद्र सरकार को ठहराया दोषी
केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा के लिए केंद्र की अनुमति मांगे जाने संबंधी फाइल 7 जून को उपराज्यपाल को भेजी गई थी. उन्होंने 21 जुलाई को फाइल लौटा दी. AAP सरकार ने कहा, ‘इसमें न केवल बहुत अधिक देरी हुई, बल्कि यात्रा की औपचारिकताएं पूरी करने की 20 जुलाई की अंतिम तारीख भी बीत चुकी है.’ इसमें कहा गया है कि क्योंकि मुख्यमंत्री नहीं जा पा रहे हैं और केंद्र को इसके लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए.
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