नई दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की चौथी पुण्यतिथि आज है.
अटल समाधि स्थल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और
पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी है.
आज ही के दिन 2018 में उनका निधन हो गया था.
पूर्व पीएम को भारतीय जनता पार्टी नीत नरेंद्र मोदी सरकार याद करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित की.
सरकार के कई मंत्री ट्विटर के जरिये दिवंगत पीएम वाजपेयी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट में लिखा, ”श्रद्धेय अटल जी ने मां भारती के गौरव को पुनर्स्थापित
करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण खपाया.
उन्होंने भारतीय राजनीति में गरीब कल्याण व सुशासन के नए युग की शुरुआत की
और साथ ही विश्व को भारत के साहस व शक्ति का भी अहसास कराया. आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन.”

भारत की विकास यात्रा में वाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय- राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ”पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें स्मरण करते हुए नमन करता हूं. देश को विकास और सुशासन का मंत्र देने वाले अटल जी का पूरा जीवन उनके व्यक्तित्व की गहराई और कृतित्व की ऊंचाई का प्रतिबिम्ब है. भारत की विकास यात्रा में उनका योगदान अविस्मरणीय है.”
अमित शाह और केजरीवाल ने भी दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा कि श्रद्धेय अटल जी ने माँ भारती के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण खपाया. उन्होंने भारतीय राजनीति में गरीब कल्याण व सुशासन के नए युग की शुरुआत की और साथ ही विश्व को भारत के साहस व शक्ति का भी अहसास कराया. आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें मेरी श्रद्धांजलि.
16 अगस्त 2018 को वाजपेयी का निधन
लंबे समय तक बीमार रहने के बाद 16 अगस्त 2018 को वाजपेयी ने दिल्ली में आखिरी सांस ली. वो 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे. 1996 में उनका पहला कार्यकाल 13 दिन का रहा, इसके बाद वो 1998 से 1999 तक 13 महीने तक पीएम रहे. बाद में वो 1999 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे. वाजपेयी बीजेपी के सह-संस्थापक और वरिष्ठ नेता थे. वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे.
अटल बिहारी वाजपेयी 5 दशक तक रहे संसद सदस्य
वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे, जो कांग्रेस के नहीं थे और उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था. वे एक प्रसिद्ध कवि और लेखक भी थे. वो 5 दशक तक संसद सदस्य रहे. 10 बार वो लोकसभा सांसद चुने गए और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए. 2009 में स्वास्थ्य कारणों की वजह से वो सक्रिय राजनीति से दूर हो गए.
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