रांची में आय से अधिक संपत्ति केस में ACB ने विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता से 10 घंटे पूछताछ की. 72.97 लाख रुपये के लेन-देन पर सवाल पूछे गए.
ACB Interrogation Update रांची: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े मामले में रविवार को एसीबी की टीम ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की. यह कार्रवाई रांची स्थित सरकारी आवास में सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई और रात लगभग 8 बजे खत्म हुई. जांच के दौरान एसीबी के डीआईजी, एसपी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे. सुरक्षा के मद्देनजर आवास के बाहर और अंदर 50 से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी.
यह पूछताछ 24 नवंबर को दर्ज एसीबी प्राथमिकी का हिस्सा है, जिसमें विनय चौबे सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
Key Highlights
ACB ने रांची में सरकारी आवास पर की लंबी पूछताछ
स्वप्ना संचिता से बैंक ट्रांजैक्शन और आय स्रोतों पर सवाल
72,97,500 रुपये के ट्रांसफर पर विस्तृत जांच
पूछताछ के दौरान 50 से अधिक जवान तैनात
कोचिंग और फ्रेंचाइजी से आय का दावा, दस्तावेज मांगे गए
ACB Interrogation Update: 72,97,500 रुपये के ट्रांजैक्शन पर पूछा गया सवाल
पूछताछ की शुरुआत उस बैंक लेन-देन से हुई, जिसमें विनय सिंह नामक व्यक्ति की कंपनी से स्वप्ना संचिता के खाते में 72,97,500 रुपये भेजे गए थे. एसीबी अधिकारियों ने इस रकम के स्रोत, उद्देश्य और प्रकृति पर सवाल किए. जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि क्या यह पैसा कमीशन, अवैध आय या किसी घोटाले से जुड़ा हिस्सा था.
अधिकारियों ने यह भी पूछा कि क्या विनय चौबे अपनी कथित अवैध कमाई को परिवार और रिश्तेदारों के खातों में भेजकर छिपाने की कोशिश कर रहे थे.
ACB Interrogation Update:वर्किंग प्रोफेशनल हूं” स्वप्ना का जवाब
पूछताछ के दौरान स्वप्ना संचिता ने बताया कि वे एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और पिछले दो दशकों से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं. उन्होंने दावा किया कि वे ब्रह्मास्त्र कोचिंग की निदेशक हैं और टाइम्स की फ्रेंचाइजी भी संचालित करती हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 5,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है और उनकी आय इन्हीं संस्थानों से होती है.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सभी आय ऑडिटेड है और अवैध वित्तीय लेन-देन का आरोप निराधार है.
ACB Interrogation Update: दस्तावेज देने का निर्देश
एसीबी ने उनसे ब्रह्मास्त्र एजुकेशन और टाइम्स फ्रेंचाइजी से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, लेखा-परीक्षा दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराने को कहा है. जांच एजेंसी को संदेह है कि ये संस्थान वित्तीय हेरफेर के लिए माध्यम बने थे.
पूछताछ के दौरान एक युवक कुछ दस्तावेज लेकर आवास पहुंचा था, हालांकि किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं थी. केवल स्वप्ना के वकील को आने की अनुमति दी गई.
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