रांची: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) के कार्यालय में बुधवार को विद्युत सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समिति के सदस्यों को अपनी आपत्तियों को प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। आयोग ने घोषणा की है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में नए बिजली टैरिफ की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
बैठक में आयोग के सदस्य विधि महेंद्र प्रसाद, सदस्य तकनीक अतुल कुमार और सचिव राजेंद्र प्रसाद नायक उपस्थित थे। इसके अलावा, उपभोक्ता सलाहकार समिति के जेसिया अध्यक्ष अंजय पचेरीवाल, चेंबर के प्रतिनिधि एनके पटोदिया, धनबाद से कैलाश गोयल और रांची से हेमलता मुर्मू भी बैठक में शामिल हुए। जेबीवीएनएल के जीएम कॉमर्शियल संजय कुमार, अनिता प्रसाद, डीवीसी और टाटा पावर के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
जेबीवीएनएल की कार्यशैली पर उठे सवाल
बैठक में जेबीवीएनएल (झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड) की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। सदस्यों ने कहा कि निगम की कोई स्पष्ट योजना नहीं होती, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि पतरातू पावर प्लांट जल्द चालू होने वाला है, लेकिन इस अतिरिक्त बिजली का उपयोग कैसे और कहां किया जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
इस पर आयोग ने निर्देश दिया कि जेबीवीएनएल एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करे, जिसमें यह बताया जाए कि बिजली आपूर्ति और वितरण की स्थिति में सुधार कब तक होगा, घाटा कैसे कम किया जाएगा, और उपभोक्ताओं को कब तक राहत मिलेगी। आयोग ने इस संबंध में ठोस जवाब देने को कहा है।
अब देखना यह होगा कि अप्रैल में घोषित होने वाला नया टैरिफ उपभोक्ताओं को राहत देगा या उनके बिजली बिलों में और बढ़ोतरी होगी।
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