New Delhi– कोरोना के दूसरी लहर के दौरान मॉकड्रिल के नाम पर ऑक्सीजन बंदकर 5 मिनट में 22 मरीजों को मौत के आगोश में सुलाने के आरोपी आगरा के पारस हॉस्पिटल के संचालक अरिंजय जैन को आखिरकार बेल मिल गया है. गुरुवार को कुल 12 माह के बाद अस्पताल का ताला खोल दिया गया.
संचालक अरिंजय जैन का दावा सभी मामलों में मिला बेल
बता दें कि अरिंजय जैन पर यह आरोप है कि 7 जून 2021 को कोरोना के दूसरी लहर के दौरान मॉकड्रिल के नाम पर पूरे पांच मिनट के लिए अस्पताल का ऑक्सिजन सप्लाई बंद कर दिया गया था. इसके कारण 22 मरीजों की मौत हो गयी थी. तब यह पूरे देश में अखबारों और सोशल मीडिया की सुर्खियां बन गयी थी. उत्तर प्रदेश सरकार नेृ पूरे मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी बना दी थी. जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर अस्पताल सील करने का निर्देश दिया था. साथ ही डॉ अरिंजय जैन के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था. साथ ही मॉकड्रिल की न्यायिक जांच का भी आदेश दिया गया था. लेकिन इस बीच अस्पताल को अघोषित क्लीन चिट दे दी गयी.
त्रिस्तरीय कमेटी ने कब किया अस्पताल का दौरा जानकारी नहीं
डॉ अरिंजय जैन ने दावा किया है कि मैंने सिर्फ ऑक्सीजन का एसेसमेंट किया था. किसी की जान नहीं ली थी, जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, उसमें जमानत मिल गयी है. दिसंबर 2021 में मैंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को सील खोलने के लिए आवेदन किया था. इसके बाद जनवरी में मुझे अपर स्वास्थ्य निदेशक ने पूछताछ के लिए बुलाया. मुझे नहीं पता कब त्रिस्तरीय कमेटी अस्पताल की जांच के लिए आई. शासन से आदेश प्राप्त होने के बाद अब अस्पताल की सील खोली गई है.
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