बिहार के युवा स्टार्टअप गौरस और सेवासिटी ने Startup Bihar योजना की मदद से बनाई पहचान, 50 हजार यूजर्स तक पहुंचा लोकल बिजनेस।
Bihar Startup Success Story पटना: बिहार में युवाओं की नई सोच और सरकार की स्टार्टअप नीति ने मिलकर एक नई आर्थिक क्रांति की नींव रख दी है। राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रयासों के बीच युवा अब नौकरी के बजाय उद्यमिता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप बिहार योजना के तहत मिल रही वित्तीय सहायता ने छोटे शहरों के युवाओं को भी बड़े सपने साकार करने का मौका दिया है।
-स्टार्टअप बिहार योजना ने बिहार के नये निवेशकों के लिए नयी उड़ान
-गौरस ब्रांड व सेवासिटी स्टार्टअप ने छोटे शहरों में रची बड़ी सफलता की कहानी
Bihar Startup Success Story:गौरस स्टार्टअप: दूध उत्पादों से गांव से ग्लोबल तक पहचान
राजधानी पटना के सैदनपुर गांव से शुरू हुआ ‘गौरस’ स्टार्टअप आज डेयरी प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। इसके संस्थापक कुंदन सिंह ने पंजाब में 14 वर्षों की नौकरी के बाद कोरोना काल में अपने गांव लौटकर इस व्यवसाय की शुरुआत की।
स्टार्टअप बिहार योजना के तहत 10 लाख रुपये की सहायता मिलने के बाद उन्होंने राजस्थान से शाहिवाल नस्ल की गाय लाकर अपने उद्यम को आगे बढ़ाया। आज गौरस ब्रांड दूध, दही, पनीर और घी जैसे उत्पादों के जरिए स्थानीय बाजार से लेकर व्यापक स्तर तक अपनी पहुंच बना चुका है। इस पहल के जरिए जहां रोजगार सृजन हुआ, वहीं गौ सेवा को भी बढ़ावा मिला।
Key Highlights
स्टार्टअप बिहार योजना से युवाओं को मिल रही 10 लाख तक की सहायता
गौरस स्टार्टअप ने डेयरी उत्पादों से बनाई मजबूत पहचान
सेवासिटी ऐप से 50 हजार से अधिक यूजर्स जुड़े
छोटे शहरों के लोकल बिजनेस को मिल रहा डिजिटल प्रमोशन
बिहार में स्टार्टअप्स से औद्योगिक विकास को मिल रहा बढ़ावा
Bihar Startup Success Story:सेवासिटी ऐप: लोकल बिजनेस को डिजिटल प्लेटफॉर्म
अररिया के युवा उद्यमी मयंक गुप्ता ने ‘सेवासिटी’ ऐप के माध्यम से छोटे शहरों के व्यवसायों को डिजिटल पहचान दिलाई है। 2023 में एमबीए करने के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय स्टार्टअप का रास्ता चुना और स्टार्टअप बिहार योजना से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर इस ऐप की शुरुआत की।
यह प्लेटफॉर्म स्थानीय व्यापारियों को देश-विदेश तक अपनी पहुंच बनाने में मदद करता है। वर्तमान में इस ऐप के 50 हजार से अधिक यूजर्स हैं। साथ ही एनआईटी पटना, डीआईएम पटना और आईआईएम कलकत्ता जैसे संस्थानों का सहयोग भी इस स्टार्टअप को मिला है।
Bihar Startup Success Story:औद्योगिक विकास में स्टार्टअप की बड़ी भूमिका
बिहार में स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रही है। सेवासिटी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 तक करीब 4 करोड़ रुपये का राजस्व भी अर्जित किया है। इससे साफ है कि राज्य में नवाचार आधारित कंपनियां अब मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।
स्टार्टअप बिहार योजना के जरिए युवाओं को न सिर्फ आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिल रहा है। यह पहल बिहार को उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर है।
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