कर्पूरी ठाकुर पर लिखी पुस्तक समाजवादी विचारधारा को समझने में सहायक

कटिहार: बिहार के कटिहार जिला स्थित रेलवे सीनियर इंस्टिट्यूट में पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पूर्व मंत्री महेन्द्र नारायण यादव ने जन नायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन पर पुस्तक लिखी है. जिसके विमोचन में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री देवेन्द्र प्रसाद यादव नजर आए. कर्पूरी ठाकुर के कार्यों को याद करते हुए पूर्व मंत्री महेन्द्र नारायण यादव ने कहा कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ी और जो समाजवाद पर विश्वास करने वाले लोग होंगे, उनके लिए प्रेरणाश्रोत का काम करेगा. इस पुस्तक से जन-नायक कर्पूरी ठाकुर के 38 वर्षों के संसदीय काल को जानने का मौका मिलेगा. पुस्तक से बिहार में समाजवादी विचारधारा को बल मिलेगा. यह पुस्तक समाजवादी आंदोलन का धरोहर बनेगा. यह पुस्तक वैसे लोगों का पथ प्रदर्शन करने का काम करेगा, जो समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हैं.

कर्पूरी ठाकुर की बात करें, तो ये बिहार के दूसरे उप-मुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वे 1952 की पहली विधानसभा में चुनाव जीतने के बाद वे बिहार विधानसभा का चुनाव कभी नहीं हारे. उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें जन-नायक कहा जाता है. समस्तीपुर के पितौंझिया गांव में जन्मे कर्पूरी ठाकुर किसान परिवार से आते हैं और इनके पिता एक समान्य व्यवसायी थे. अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया. कर्पूरी ठाकुर दूरदर्शी होने के साथ-साथ ओजस्वी वक्ता थे. लोकनायक जय प्रकाश नारायण एवं समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया इनके राजनीतिक गुरु रहे हैं और रामसेवक यादव एवं मधुलिमये जैसे दिग्गजों का इन्हें साथ मिला है.

कर्पूरी ठाकुर मुख्य रूप से अपनी कार्य-कुशलता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपनी वाणी पर कठोर नियंत्रण रखा है. जिसके कारण वे अन्य समाजसेवियों और राजनेताओं से अलग नजर आते रहे. राजनीति के मामले में वे समाजवाद के पक्षधर रहे हैं और विऱोधियों को अपनी मधुर वाणी से मुग्ध कर लिया करते थे.

रिपोर्ट- श्याम 

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

180,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
688,500SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!