गयाजी में बोरसी की आग बनी आफत, नाती-नतिनी समेत तीन की दम घुटने से मौत, RPF की तत्परता से बची लोको पायलट की जान
गयाजी : कुर्किहार महादलित टोला में बुधवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना हुई। एक ही कमरे में बोरसी जलाकर सोना तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गया। 60 वर्षीय मीना देवी, उनकी 5 वर्षीय नाती सुजीत कुमार और 6 वर्षीय नातिन अंशी कुमारी की मौत हो गई। सुबह जब बेटी काजल देवी नींद से उठीं और मां को जगाने पहुंचीं, तो सामने दिखा खौफनाक मंजर।
ठंढ़ से बचने को जलाई थी बोरसी
बताया जाता है कि ठंड से बचने के लिए रात में कमरे के भीतर बोरसी जलाई गई थी। दरवाजा और खिड़की सभी बंद थी। आशंका है कि दम घुटने से तीनों की जान चली गई। घटना की खबर फैलते ही टोले में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में स्थानीय चिकित्सक को गांव में बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के दखिनगांव में इसी माह 21 दिसम्बर की रात ठंड से बचने के लिए जलाई गई बोरसी जानलेवा साबित हो गई थी। कमरे में फैले धुएं से दम घुटने के कारण 85 वर्षीय वृद्ध महिला और 4 महीने की बच्ची की मौत हो गई थी। वहीं बच्ची की मां रेखा मालाकार की हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
ट्रेन हादसे में असिस्टेंट लोको पायलट की बची जान
वहीं गया जंक्शन पर आरपीएफ की तत्परता से एक रेल यात्री की जान बच गई। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। 12987 अप सियालदा–अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन में चढने के दौरान यात्री का पांव फिसल गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच गिर गया। यात्री का शरीर कमर तक नीचे गैप में फंस गया था। आसपास मौजूद रेल यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित यात्री ने बताया कि वह धनबाद जंक्शन पर असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर तैनात हैं। 12987 अप सियालदा–अजमेर एक्सप्रेस से ही उतरा था लेकिन ट्रेन में ही मोबाईल छुट गया था। जिसे लेने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन दास्ताना पहने होने के कारण और ढीली पकड़ के कारण यह हादसा हो गया।
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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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