
डिजीटल डेस्क : Breaking – CM Yogi का ऐलान – कानून को ठेंगा दिखाने वाले का काम तमाम करेगी सरकार। गोरखपुर में दो दिनों के प्रवास के दौरान समाजवादी पार्टी के सियासी हमलों पर खुद सीधे किसी भी पलटवार से परहेज रखते रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को फिर से प्रतिपक्षी सियासी दलों पर हमलावर हुए।
निशाने पर सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी रही लेकिन कांग्रेस और बसपा को भी नहीं बख्शा। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की ओर से दो दिनों से लगातार उठाए जा रहे फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी को ही सीधे निशाने पर लिया।
अंबेडकरनगर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक अंदाज में ऐलान किया कि – ‘मैं फिर कहूंगा कि ये माफियागिरी किसी भी स्थिति में नहीं चलने दी जाएगी।
कानून का राज हो, सबको सुरक्षा मिलेगी और सबको योजनाओं का लाभ मिलेगा। लेकिन अगर कोई कानून को ठेंगा दिखाने का काम करेगा तो उसका काम तमाम करने का काम सरकार करेगी। इसके लिए किसी भी हद तक जाकर उसके दुस्साहस का जवाब देगी’।
सीएम योगी दहाड़े – ‘जो थोड़े माफिया बचे हैं, वे अंतिम यात्रा की तैयारी पर..’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने धाराप्रवाह संबोधन में आगे कहा कि, ‘अंबेडकरनगर की धरती ऋषि मुनियों की धरती है। अयोध्या प्रांत की धरती है। ये विकास की परियोजनाएं आज जो इतनी आसानी से प्राप्त हो रही हैं और गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और आज जो सुरक्षा का वातावरण है, क्या ये 2017 के पहले भी संभव था क्या?
2017 से पहले का उत्तर प्रदेश किसी से अछूता नहीं है, छुपा नहीं है कि क्या होता है उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले? बहनों-भाइयों, मैं केवल आपसे ये कहने के लिए आया हूं कि राह चलते बेटियों के साथ किस तरह का व्यवहार होता था और किस तरह के वक्तव्य आते थे उस समय के मंत्रियों के? किस प्रकास बेशरमीपूर्ण वक्तव्य देते थे तब समाजवादी पार्टी के नेता – ये किसी से छुपा हुआ नहीं है।
एक बेटी सबकी बेटी है। उसके सम्मान और सुरक्षा का दायित्व पूरे समाज का होता है। लेकिन समाजवादी पार्टी इसका महत्व कहां समझ पाएगी। याद करिए जब मार्च 2017 में सरकार बनी थी, तो मैंने कहा था कि अगर किसी भूमाफिया ने अवैध जमीन कब्जा कर रखा तो उसे 24 घंटे के अंदर खाली कर दे।
मैं फिर कहूंगा कि किसी माफिया ने किसी गरीब की, किसी अन्नदाता किसान की और किसी व्यापारी की जमीन पर कब्जा किया है तो कृपया खाली कर ले और अगर खाली नहीं किया तो जो उसकी जो भी संपत्ति होगी उसको जब्त करके गरीबों में बंटवाने का काम करेंगे।
याद करिए 2017 के पहले कि पुलिस भागती थी और पीछे-पीछे गुंडे दौड़ाते थे। आज 2017 के बाद उल्टा हो गया है और अब गुंडा व माफिया भाग रहा है तो पुलिस उसको दौड़ा रही है। अगर उसने कहीं कोई दुस्साहस किया तो फिर वहीं पे राम नाम सत्य है, यह भी तय हो जाता है।
2017 के बाद एक-एक करके माफिया कहां चले गए, ये भी आप सब जान रहे हैं। माफियाओं की तो छुट्टी हो गई। माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश हो गया। अब पर्व और त्यौहार में विघ्न बाधा समाप्त हुई।
बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर जो खतरा पैदा करते थे, वे सभी गायब हो गए। जो बचे हैं, वो भी अपनी अंतिम यात्रा की तैयारी कर रहे होंगे’।

मुख्यमंत्री बोले – सपा राज में यूपी में चलती थी माफियाओ की समानांतर सरकार
अंबेडकरनगर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़े ही आत्मविश्वास से लबरेज मुद्रा में समाजवादी पार्टी पर चुन-चुनकर सीधा हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि- ‘यही उत्तर प्रदेश है जहां पर हर जिले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व में पलने वाले माफियाओं की समानांतर सरकारें चलती थीं। ये अंबेडकर नगर में भी चलती थीं।
याद करिए, हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष की हत्या यहां होती है और कोई सुनवाई नहीं हुई तो तब आंदोलन के लिए मुझे आंदोलन के लिए अंबेडकरनगर आना पड़ा था। तब भी आंदोलन किया था हमने माफिया के खिलाफ और समाजवादी पार्टी की अराजकता के खिलाफ।
कौन ऐसा जिला था- चाहे वह अंबेडकरनगर जिला रहा हो, अयोध्या रहा हो, मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपु? कोई जिला नहीं था जहां पर कोई न कोई बड़ा माफिया समानांतर सरकार चला करके आम जनता की आवाज को दबाता था, गरीब की आवाज को दबाता था और पिछड़ों की आवाज को दबाता था।
दलित – वंचित लोग योजनाओं से भी वंचित रहते थे और सरकारें अपनी मौज मस्ती करती थीं। बहनों – भाइयों, यही समाजवादी पार्टी की वास्तविक पहचान है। ये लोग जबसे सत्ता में आए थे, लगातार यही काम करते थे, व्यापारियों को लूटते थे, बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करते थे और दबंगई के बल पर गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे।
उन्हें (समाजवादियों को) सिर्फ इस बात से मतलब था कि उनकी सरकार रहनी चाहिए, बाकी जाए भांड़ में। समाजवादी पार्टी में तो गुंडों की भरपूर फौज खड़ी थी। उनको ले करके लोग चलते थे, उनको अपना शागिर्द मानते थे। जो जितना बड़ा गुंडा और माफिया होता था, समाजवादी पार्टी में उसको उतना बड़ा ओहदा दे दिया जाता था।
समाजवादी पार्टी के लोग उसी गर्व में फूलते थे कि ये गुंडा ही हमारे जिले को संभालेगा। उनको नहीं पता था कि जनता अंगड़ाई लेगी और गुडें -माफिया एक-एक करके यमलोक को प्रस्थान कर जाएंगे और जनता जनार्दन के साथ अन्याय का हिसाब चुकता होगा’।
फर्जी एनकाउंटर पर बोले सीएम योगी – वरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं
गत दिनों पुलिस मुठभेड़ में डकैती के आरोपी के मौत लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की ओर से फर्जी एनकाउंट पर प्रदेश सरकार और पुलिस को घेरने के प्रयासों पर भी मुख्यमंत्री योगी ने अपने अंदाज में करारा हमला बोला।
सीएम योगी ने कहा कि, – ‘सरकार चलाने को जज्बा चाहिए। सरकार चलाने को दिल भी चाहिए और दिमाग भी चाहिए। सत्ता वरासत में मिल सकती है, बुद्धि वरासत में नहीं मिलती है और दिमाग भी वरासत में नहीं मिलता है। ये जो लोग सत्ता को अपनी बपौती मानते थे, वो अब समझने लग गए हैं कि उत्तर प्रदेश में उनको अब कभी वापस नहीं आना है। इसलिए षड़यंत्र की कोशिश कर रहे हैं और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका विकास से कोई लेना-देना नहीं और उनका रोजगार से भी कोई लेना देना नहीं और ना ही अनदाता किसानों से । आप देखते होंगे कि जब उनके किसी साथी माफिया -डकैत को पुलिस मुठभेड़ में मारा जाता है तो जैसे पुलिस ने इनकी दुखती रग पर उंगली रख दी हो वैसे चिल्लाने लगते हैं।
आप मुझे बताओ कि जो डकैत पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, अगर वो डकैत जैसे हथियारों का प्रदर्शन करते हुए डकैती डाल रहा था, वहां ग्राहक भी बैठे थे और वह ग्राहकों को एक तरफ खड़ा करके गोली मार देता तो क्या उनकी जान को ये समाजवादी पार्टी वापस कर पाती क्या ?
वो किसी भी जाति के हो सकते थे, ग्राहक कोई यादव भी हो सकता था और कोई दलित भी हो सकता था। किसी सुनार के यहां या प्रतिष्ठान में ग्राहक गया हो और उसके साथ लूट हो और व्यापारी पर करोड़ों की डकैती डाल दी जाए और डकैत हत्या कर फरार हो जाए तो यही लोग बोलते कि देखिए साहब अराजकता है।
जब पुलिस ने पकड़ लिया, कार्रवाई कर दी और पुलिस मुठभेड़ में डकैत मारा जा रहा है तो समाजवादी पार्टी को बुरा लग रहा है। वे कह रहे हैं कि साहब यह नहीं होना चाहिए थे। तो क्या होना चाहिए था, थोड़ा पूछिए इन लोगों से?
क्या जो अयोध्या में एक निषाद बेटी के साथ समाजवादी पार्टी के नेता ने किया, ठीक था क्या? हमारा मंत्री संजय निषाद अयोध्या जाकर उस बेटी की हालत देखकर रो पड़ा था और कह रहा था कि ये है निषादों के साथ समाजवादी पार्टी का कृत्य, लेकिन ये बेशरम लोग हैं। तब भी उसके खिलाफ कार्रवाई हो, इसके लिए समाजवादी पार्टी तैयार नहीं थी।
वो लोग तब भी बचाव कर रहे थे और कह रहे थे कि नहीं-नहीं, ये तो निर्दोष है। अरे निर्दोष क्या है ? सबकुछ तो उसका प्रमाणित हो चुका है और उसके बाद भी निर्दोष बोलते हो उसको ? कन्नौज में जो किया इनके नेताओं ने एक नाबालिग बेटी के साथ और उसके बाद भी उसका बचाव कर रहे हैं, क्या ये सही था? आज तो प्रमाणित हो चुका है कि इनके कृत्य क्या हैं ?’

बोले सीएम योगी – सपा, कांग्रेस और बसपा – सबने केवल सत्ता में रहकर तुष्टीकरण किया
अपने संबोधन के आखिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘ये लोग (सपा वाले) जाति के नाम पर आपको भिड़ाने का काम करेंगे। आपस में लड़ाने का काम करेंगे क्योंकि इनका पूरा इतिहास ही षड़यंत्रों का है। ये केवल आपकी सुरक्षा में सेंध लगाने का षड़यंत्र कर रहे हैं। इनको आम जनता से कोई लेना देना नहीं।
सपा हो, कांग्रेस हो या बसपा, जब भी सत्ता में आए तो तुष्टीकरण किया और उसके अलावा कुछ नहीं किया। भाजपा बिना भेदभाव सबका साथ और सबका विकास के मंत्र पर काम में जुटी है तो आपका आशीर्वाद भी इसी रूप में भाजपा को मिले। प्राप्त होगा, आप लोग सहमत हैं?
इस समय हम सबको एकजुट हो करके विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए। विकास की प्रक्रिया से ही हमारा वर्तमान और भविष्य सुरक्षित रहने वाला है। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में यही संकल्प सभी भारतवासियों को दिलाया है कि अगले 25 वर्ष की कार्ययोजना ऐसी होनी चाहिए कि जब 2047 में देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरा करेगा तब हमें कैसा भारत चाहिए।
तब का भारत विकसित हो, आत्मनिर्भर हो, दुनिया को नेतृत्व प्रदान करने वाला हो, देश के हर युवा को रोजगार हो, हर अन्नदाता किसान को उसकी उपज का अच्छा दाम मिले, हर बेटी और व्यापारी सुरक्षित हो, विकास के लिए लोगों को गुहार न लगाना पड़े’।
कार्यक्रम में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, संजय निषाद. ओपी राजभर, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, गिरीश चंद्र यादव, एमएलसी डॉ धर्मेद्र सिंह, हरिओम पांडेय, श्याम सुंदर वर्मा आदि मौजूद रहे।
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