पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने आज यानी 13 दिसंबर को 1.30 बजे प्रेसवार्ता की। बिहार बोर्ड ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का पहला ऐसा शिक्षा बोर्ड बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसे तीन अलग-अलग कैटेगरी में अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) सर्टिफिकेट मिले हैं। बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक मजबूत उदाहरण पेश करती है। कुल मिलाकर बोर्ड को आईएसओ की तरफ से तीन सर्टिफिकेट दिया गया है। सभी सर्टिफिकेट उत्कृष्ट कामों के लिए दिया गया है।
हर स्तर पर अपनाया इंटरनेशनल स्टैंडर्ड – BESB
बिहार बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, यह सफलता वर्षों से चल रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीकी आधुनिकीकरण और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। रिकॉर्ड मैनेजमेंट से लेकर डेटा सिक्योरिटी और परीक्षा प्रणाली की गुणवत्ता तक बिहार बोर्ड ने हर स्तर पर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को अपनाया है। आईएसओ एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो संस्थानों के कामकाज, गुणवत्ता, सुरक्षा और मैनेजमेंट सिस्टम के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड तय करती है। जब कोई संस्था आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त करती है तो इसका मतलब होता है कि उसका सिस्टम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तय मानकों पर खरा उतरा है। सरल शब्दों में कहें तो आईएसओ सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि संस्था का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जा रहा है, डेटा सुरक्षित है और कामकाज में गुणवत्ता व पारदर्शिता बरती जा रही है।

सभी बोर्ड कर्मियों को इसके लिए धन्यवाद दिया जाता है – अध्यक्ष आनंद किशोर
आपको बता दें कि बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि यह आईएसओ सर्टिफिकेट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को अच्छे कार्यों के लिए दिया गया है। मेनुवल फाइल सिस्टम को बोर्ड में बंद कर दिया गया है। अब सारा कुछ ऑनलाइन किया गया है। डाटा बेस किया गया है। आधुनिक तकनीकी का पूरा ख्याल रखा गया है। अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि सभी बोर्ड के कर्मियों को इसके लिए धन्यवाद दिया जाता है।


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अंशु झा की रिपोर्ट
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