रांची : सीएम हेमन्त सोरेन ने सदन में कहा कि राज्य सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर मेल भेज कर पीएम मोदी से मुलाकात का समय मांगा है। राज्य से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पीएम से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही कहा कि राज्य में हम आदिवासी और मूलवासी को रोजगार में शामिल करने के लिए कटिबद्ध हैं।
विपक्ष पर साथ ही निशाना साधते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि इनकी समस्या यही है किसी भी स्तर पर गरीब, कमजोर, आदिवासी, दलित, पिछड़ा को उनका अधिकार मिले। इन्होंने कभी कोई कानून नहीं बनाया। साथ ही सीएम ने कहा, राज्य को पिछडों को आरक्षण की बात आई है। राज्य सरकार भी इस मत में है, आरक्षण मिले। इसका प्रस्ताव भी राज्य की तरफ से केंद्र को जाना चाहिए। लेकिन इसके साथ इस पर भी चिंता होनी चाहिए की किसान एक साल से सड़क पर है। राज्य सरकार नियोजन नीति भी लाएगी, स्थानीय नीति भी आएगा। विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा।
आजसू विधायक सुदेश महतो ने कहा कि ये वर्ष नियोजन का वर्ष राज्य सरकार ने घोषित किया है। राज्य सरकार स्थानीयता का आधार और नियोजन नीति को स्पष्ट करे, ये स्पष्ट नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा, सीएम पहले राज्य में पहल करें, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का जो वादा किया था उसको पहले पूरा करें।
बीजेपी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा, जातिगत जनगणना हो, हमें इस पर आपत्ति नहीं है। हम इस पर सहयोग करेंगे। आदिवासियों की संख्या धीरे-धीरे क्यों घट रही है। इसकी भी सीएम चिंता करें। जब राज्य में जातिगत जनगणना होगी तो किसकी होगी। इस पर भी सरकार विस्तार से बताएं।


