डिजीटल डेस्क : CM Mamta In Action – ममता बनर्जी ने महिला वन अधिकारी को धमकाने वाले मंत्री का लिया इस्तीफा। महिला के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध पर यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती की मिसाल दी जा रही है तो उसी महिला अपमान के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस समय काफी संजीदा हैं। संदेशखाली जैसे किसी प्रकरण को तूल पकड़ने देने का रिस्क नहीं लेना चाह रहीं। यही कारण हैं कि हाल में एक महिला वन अधिकारी को सरेआम मंत्री की ओर से दी गई धमकी का वीडियो वायरल होते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित मंत्री अखिल गिरी का इस्तीफा तलब कर लिया। रविवार को मंत्री पद से अखिल गिरी ने इस्तीफा भी दे दिया।
अखिल गिरी ने धमकी दी थी – तुम्हारी आयु केवल 7-8 दिन है, रात में घर नहीं जा पाओगी
मंत्री रहते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता अखिल गिरि ने महिला वन अधिकारी को धमकी देते हुए था कि ‘आप सरकारी कर्मचारी हैं…सिर झुकाकर बात करें… क्या आप जानती हैं कि मैं कौन हूं? आप यहां कुछ ही दिनों के लिए हैं…तुम्हारी आयु बस 7-8 दिन है… देखिये एक सप्ताह के भीतर आपके साथ क्या होता है… मैं जानता हूं कि वन मंत्रालय में किस तरह का भ्रष्टाचार चलता है… ज्यादा बोलोगी तो बेनकाब कर दूंगा… जानवर, अगर यहां के लोग गुंडे बन गए तो आप रात में घर नहीं जा पाएंगी… ज्यादा न बोल नहीं तो तुम्हे डंडे से पीटूंगा’।
महिला वन अधिकारी को धमकाने का वीडियो भाजपा ने साझा किया था
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रहे अखिल गिरि के महिला वन अधिकारी को धमकी देने के बाद भाजपा ने यह वीडियो सोशल साइटस एक्स पर डाला था और उनके धमकी वाले बयान की निंदा की थी। भाजपा ने अपने टिप्पणी में कहा था कि क्या ममता बनर्जी इस मंत्री को बाहर करने और सलाखों के पीछे डालने की हिम्मत करेंगी? क्या उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया जाएगा? उसके बाद मामले ने जब तूल पकड़ा तो तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने सार्वजनिक रूप से अखिल गिरि के बयान की निंदा की और कहा कि पार्टी अखिल गिरि के बयान का समर्थन नहीं करती है और अंततः पार्टी के निर्देश पर अखिल गिरि को इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा। बता दें कि इससे पहले अखिल गिरि ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ विवादित बयान दिया था। उसके बाद ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से अपनी मंत्री के बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी।
अखिल गिरी बोले – इस्तीफा दिया है लेकिन महिला वन अधिकारी से माफी नहीं मांगूंगा
महिला वन अधिकारी को सरेआम धमकाने के मामले ने तूल पकड़ा तो तुरंत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संकेत पर तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने जेल मंत्री अखिल गिरि को संबंधित महिला वन अधिकारी को बुरा भला कहने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा। साथ ही समझाया था कि अखिल गिरी व्यक्तिगत तौर पर उस अधिकारी से माफी मांगें। स हिदायत के बाद अखिल गिरि ने घटना पर खेद जताया लेकिन घटना का ठीकरा वन अधिकारी पर ही फोड़ दिया था। अखिल गिरी के इस रुख पर सीएम ममता खासी नाराज हुईं और अखिल गिरि से इस्तीफा देने कहा। आखिरकार अखिल गिरी ने रविवार को मंत्रिमंडल और जेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। मीडिया से मुखातिब होकर इस मसले पर कहा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और वह इसे सोमवार को लिखित रूप में जमा कर देंगे। साथ ही फिर से अपना रुख स्पष्ट किया कि मंत्री पद से भले ही इस्तीफा दिया है लेकिन मामले के मूल में रही महिला वन अधिकारी वह किसी सूरत में माफी नहीं मांगेंगे।


