Deoghar-कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्षों से बाधित विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की शुरुआत हो चुकी है.
झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दुम्मा बार्डर से इसका उद्घाटन किया. कांवरियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य
और आवागमन को लेकर पूरी तैयारियां कर ली गयी है. पूरा देवघर शिवभक्त कांवरियों के स्वागत करने के लिए तैयार बैठा है.
ड्रोन कैमरा और कमांड कंट्रोल रुम से होगी निगरानी
जिला प्रशासन ने बिहार झारखंड का बॉर्डर दुम्मा से लेकर शहर के तमाम इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं. ड्रोन कैमरा और कमांड कंट्रोल सिस्टम की व्यवस्था भी की गयी है.
भीड़-भाड़ वाले इलाकों के लिए विशेष सुरक्षा बल की तैनाती की गई है. कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में 21
अस्थाई थाना बनाया गया है, वहीं 11 अस्थाई ट्रैफिक थाने भी बनाए गए हैं.
ताकि यातायात भी सुचारू रूप से चलता रहे.
दुम्मा बॉर्डर और कांवरिया पथ के बीच कांवरियों के ठहरने के लिए एक स्पेशल हॉल का निर्माण किया गया है.
इस स्पेशल हॉल में कांवरियों के ठहरने से लेकर सभी जरूरी इंतजाम हैं.
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला : एनडीआरएफ की टीम भी रहेगी मौजूद
मंदिर परिसर में किसी भी तरह का सामान ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
रंग सरोवर सहित पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम मौजूद रहेगी.
इसके साथ ही 24 घंटे इंटीग्रेटेड पुलिस कंट्रोल रूम भी मौजूद है. जहां से पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी.
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