बिहार और झारखंड सामाजिक रूप से अत्यंत विविध क्षेत्र हैं। यदि किसी समाचार संस्थान का न्यूज़रूम इस विविधता को प्रतिबिंबित नहीं करता, तो उसकी रिपोर्टिंग अधूरी रह जाती है।
हमारी प्रतिबद्धता
22Scope में नियुक्ति योग्यता के आधार पर होती है। जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र या शारीरिक अक्षमता के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता।
प्रतिनिधित्व
हम विशेष रूप से उन समुदायों से पत्रकारों को अवसर देने का प्रयास करते हैं जिनका मुख्यधारा की हिंदी पत्रकारिता में प्रतिनिधित्व कम रहा है — जनजातीय समुदाय, महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले पत्रकार।
रिपोर्टिंग में विविधता
खबरों में हम यह ध्यान रखते हैं कि:
- किसी समुदाय को उसकी पहचान के आधार पर सामूहिक रूप से चिह्नित न किया जाए
- जाति या धर्म का उल्लेख केवल तभी हो जब वह खबर के लिए वास्तव में प्रासंगिक हो
- ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की खबरें केवल आपदा या अपराध के समय नहीं, नियमित रूप से प्रकाशित हों
- महिलाओं और हाशिये के समुदायों की आवाज़ें केवल पीड़ित के रूप में नहीं, विशेषज्ञ और नागरिक के रूप में भी शामिल हों
भाषा
हम नागपुरी, संथाली, मगही, भोजपुरी और मैथिली भाषी क्षेत्रों से खबरें प्रकाशित करते हैं और स्थानीय शब्दों को यथासंभव उनके मूल रूप में रखते हैं।