गया : हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को इन दिनों दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हुयी है। और वो ये ज्ञान सभी को दे रहे हैं दरअसल हम पार्टी ने शनिवार को गया के एक निजी स्कूल के सभागार में अपना 6वां स्थापना दिवस मनाया।
इस मौके पर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने केक काट कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर जीतनराम मांझी का बड़ा विवादित बयान सामने आया है उन्होंने अपने संबोधन के दौरान धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि ना हम मंदिर जाते हैं ना मस्जिद जाते हैं, अल्लाह बहरा नही जिसकी चिल्लाकर बुलाया जाये। ये दिव्य ज्ञान भले ही उन्हें कबीर के दोहे से मिला हो लेकिन कई लोगों की आस्था को ठेस ज़रूर पहुँचती है।
मांझी ने दो दिन पहले गया जिला के कुछ हिस्से में हो रहे धर्मांतरण पर बयान दिया था। उन्होंने कहा कि जब वो मंदिर गए थे उसके बाद मन्दिर धुलवाया जाए तो ऐसे मंदिर उन्हें नहीं जाना। उन्होंने कहा कि जो कर्म करता है वही पूजा है, महात्मा गांधी ने कहा था काम ही पूजा है, ये नही की मंदिर में जाकर घण्टी बजाए या मस्जिद में जाकर अल्लाह को याद करे। बाबा साहब अंबेडकर के राहों पर चलना चाहिए। उन्होंने साफ़ कहा कि मैं धर्म नही मानता हूँ। अब उनके इस बयान से राजनितिक भूचाल तो आना तय ही है।
जीतन राम मांझी के बयान से दो खेमों में बंटा बिहार, जीतन राम मांझी के पक्ष में दलित-पिछड़े हुए गोलबंद


