Fact Checking Policy

प्रकाशन से पहले हर खबर तथ्य-जांच की प्रक्रिया से गुजरती है। यह पृष्ठ उस प्रक्रिया का विवरण देता है।

स्रोत की पुष्टि

सरकारी आंकड़े, अदालती आदेश, पुलिस बयान और आधिकारिक अधिसूचनाएं मूल दस्तावेज़ से मिलाई जाती हैं। किसी दूसरे माध्यम में छपी खबर को अकेले आधार बनाकर हम खबर प्रकाशित नहीं करते।

दो स्रोत का नियम

गंभीर आरोप, भ्रष्टाचार या अपराध से जुड़ी खबरों में कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि आवश्यक है। यदि केवल एक स्रोत उपलब्ध है, तो खबर में यह स्पष्ट लिखा जाता है।

वायरल सामग्री

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर, वीडियो या दावे को हम तब तक प्रकाशित नहीं करते जब तक उसकी स्वतंत्र पुष्टि न हो जाए। पुरानी तस्वीर को नई घटना से जोड़कर प्रस्तुत करने की गलती से बचने के लिए हम रिवर्स इमेज सर्च और मूल स्रोत की जांच करते हैं।

आंकड़े

आंकड़ों में उनका स्रोत और अवधि दर्ज की जाती है, ताकि पाठक स्वयं जांच सके।

ब्रेकिंग न्यूज़

तेज़ी से विकसित हो रही घटनाओं में शुरुआती जानकारी अधूरी हो सकती है। ऐसी खबरों में हम स्पष्ट रूप से लिखते हैं कि सूचना प्रारंभिक है, और पुष्टि होते ही खबर अपडेट की जाती है।

त्रुटि की सूचना

यदि जांच के बावजूद कोई गलती रह जाए, तो contact@22scope.com पर सूचित करें।