Hazaribagh– आम्रपाली कोयला परियोजना टंडवा में तोड़फोड़ एवं मारपीट करने से जुड़े एक मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत चार को अदालत ने बुधवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. सुनवाई के दौरान अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत में योगेद्र साव के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था. जबकि अन्य तीन आरोपी आशुतोष मिश्रा, विनोद बिहारी पासवान और महेश प्रसाद साहू अदालत में मौजूद थे. घटना को लेकर आम्रपाली परियोजना के वरीय सुरक्षा निरीक्षक चक्रपाणि घोष ने 25 जून 2015 को टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
मामले में गवाही के दौरान चक्रपाणि घोष पूर्व के बयान से मुकर गया. मामले में सिर्फ एक गवाही हुई थी. जिसका लाभ आरोपियों को मिला.
योगेंद्र साव पर अपने समर्थकों के साथ पारंपरिक हथियारों से लैश होकर 18 जून 2015 आम्रपाली परियोजना के खदान में जबरन घुस कर गाड़ियों में तोड़फोड़ करने और कर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप था. आरोप है कि योगेन्द्र साव के कर्मियों को धमकी देते हुए कहा था कि जब तक सीसीएल एक निश्चित रकम नहीं देता आम्रपाली बंद रहेगा.
इसके बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन आखिरकार साक्ष्य के आरोप में योगेन्द्र साव को बरी कर दिया गया, लेकिन बावजूद इसके इन पर अन्य कई मुकदमें दर्ज है, इसलिए फिलहाल जेल से निकलना संभव प्रतीत नहीं होता.







