Hazaribagh: हजारीबाग के महावीर झंडे की मांग अमेरिका और लंदन समते कई देशों में भी, जानिए क्या है विशेष

Hazaribagh: हजार बागों का शहर हजारीबाग अपने प्रकृति सुंदरता के लिए एक ओर जाना जाता है तो दूसरी पहचान रामनवमी से भी पूरे देशभर में होती है। रामनवमी के दिन यह परंपरा चली आई है कि हर एक सनातनी अपने घरों पर हनुमान पताका लगाता है। शहर के बड़ा बाजार में वीर वस्त्रालय पिछले 60 सालो से झंडा बनाने का काम कर रहा है। लगभग प्रत्येक घरों में इनके ही दुकान के बने हुए झंडे लगते हैं। इस बार इस दुकान के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि विदेशों में भी वीर वस्त्रालय का हनुमान झंडा लहरेगा। इस दुकान की खासियत यह भी है कि एक मुस्लिम परिवार तीन पीढ़ी से महावीर झंडा बना रहा है।

Hazaribagh: इस झंडे की मांग विदेशों में भी

हजारीबाग (Hazaribagh) के बड़ा बाजार स्थित वीर वस्त्रालय का बना हुआ झंडा इस वर्ष लंदन, अमेरिका और मॉरीशस समेत कई देशों में लहराएगा। हजारीबाग में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके सदस्य विदेशों में भी रहते हैं। उन्होंने ऑर्डर दिया है। यही नहीं कोरोना काल के दौरान इस प्रतिष्ठान ने ऑनलाइन भी व्यवसाय शुरू किया था। विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेश में रहने वाले लोगों को दुकान की खासियत के बारे में जब पता चला तो कई लोगों ने भी ऑनलाइन ऑर्डर दिया है। इसमें लंदन के दो परिवार भी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका के 7 परिवार, इंडोनेशिया, मलयेशिया समेत कई देश से भी इन्हें ऑर्डर मिला है।

Hazaribagh: हजारीबाग की रामनवमी बेहद खास

दुकान के संचालक देवेन्द्र जैन बेहद खुशी के साथ कुरियर कर रहे हैं। देवेन्द्र जैन भी कहते हैं कि हजारीबाग की रामनवमी बेहद खास है। पूरा परिवार राम भक्तों की सेवा में सालों भर लगा रहता है। यह जानकर बेहद खुशी हो रही है कि विदेश में भी वीर वस्त्रालय का झंडा लहरेगा और हजारीबाग को अलग पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि उनके पास 5 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक के झंडे मौजूद है और सबसे खास बात है कि महंगे झंडे आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं।

Hazaribagh: यह राम जन्मभूमि के उद्घाटन में भी लगा था

वीर वस्त्रालय का बना हुआ हनुमान झंडा अयोध्या में राम जन्म भूमि के भी उद्घाटन के दौरान लगा था। कार सेवक झंडा लेकर अयोध्या गए थे। इस दुस्कान की खासियत यह भी है कि एक मुस्लिम परिवार पिछली तीन पीढ़ी से हनुमान झंडा बना रही है। यही नहीं हजारीबाग के कई मंदिरों में भगवान का वस्त्र भी इन्हीं के हाथों से बन कर पहुंचता है। यह प्रतिष्ठान आपसी भाईचारा का भी प्रतीक बनता जा रहा है। झंडा बनाने वाले कारीगर गुलाम जलानी कहते हैं कि इस वर्ष बड़े-बड़े झंडे बनाने का ऑर्डर अधिक मिल रहा है।

शशांक शेखर की रिपोर्ट

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