हर खेत में पहुंचेगा सिंचाई का पानी, लघु जल संसाधन विभाग की 2280 योजनाओं से बदलेगी कहानी
पटना : राज्य सरकार के सात निश्चय-2 में शामिल ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के तहत लघु जल संसाधन विभाग ने 1953 योजनाओं पर कार्य शुरू किया था। जिसमें 4 वर्षों में 1305 योजनाएं पूर्ण कर ली गई है। इन योजनाओं पर राज्य सरकार ने 1294.816 करोड़ रुपये खर्च किया है। है। बिहार सरकार इन उपायों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाने में जुटी है।
1305 योजनाएं पूर्ण कर सिंचाई क्रांति से जल स्रोतों का हुआ जीर्णोंद्धार
विदित हो कि बिहार सरकार द्वारा राज्य के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने सात निश्चय-2 के तहत ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ पहुंचाने के लिए योजना शुरू की है। इस योजना के तहत लघु जल संसाधन विभाग ने वर्ष 2021-22 से लेकर 2024-25 तक आहर पईन का जीर्णोद्धार, वीयर/ चैक डैम का निर्माण और उद्धवह सिंचाई योजना का पुनर्निर्माण की करीब 2280 योजनाएं चयनित की गई थी। जिसमें 1953 योजनाओं पर कार्य शुरू कराया गया था। विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो चार वर्षों में करीब 1305 योजनाएं पूर्ण कर ली गई है। इन योजनाओं पर विभाग के माध्यम से 1294.816 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक करीब 1953 योजनाओं/ संरचनाओं का कार्य शुरू किया गया था, जिसमें आहर-पईन की 1551, वीयर/ चैक डैम की 82 और उदवह सिंचाई की 320 योजनाएं शामिल है।
किसानों के चेहरों पर फैली मुस्कान
इससे किसानों को सिंचाई करने में सहायता मिलेगी और कृषि क्षेत्र को भी आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। बताया जाता है कि इससे राज्य के करीब 610437 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता पुनः विकसित होगा। विभागीय अधिकारी इस योजना को पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए जुटे हुए हैं।
ये भी पढे : ट्रैक्टर चोर गिरोह का पर्दाफाश, 15 दिनों के अंदर खुलासा, 4 अभियुक्त गिरफ्तार
Highlights

