Ranchi- क्या सीता सोरेन बनने जा रही है झारखंड की मुख्यमंत्री- कहा जाता है कि राजनीति में कोई भी मिलन
गैर राजनीतिक नहीं होता, मिलन समारोह चाहे जैसा भी हो, शादी की दावत हो या दाह संस्कार की रस्म. राजनेता
हर मौके का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक महात्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए ही करता है. वह कभी भी
अनजाने में कोई बयान नहीं देता, हां मौके की नजाकत को देखते हुए कई बार अपने बयान से पलटी जरुर मार लेता है.
या यह कह कर बचने की कोशिश करता है कि उसका इरादा यह नहीं था और न ही राजनीतिक परिवार को
कोई व्यक्ति विशुद्ध गैर राजनीतिक संगठन चलाता है, हां, वह इस कथित सामाजिक संगठन का इस्तेमाल
अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के विस्तार के लिए जरुर करता है. ज्योंहि अवसर मिलता है,
वह सामाजिक संगठन से तुरंत राजनीतिक संगठन में छलांग लगा लेता है.
दरअसल यह बात हम इसलिए कह रहें हैं कि स्व. दुर्गा सोरेन की जंयती के बहाने दुर्गा सोरेन सेना
की अध्यक्ष जयश्री सोरेन यह कह कर झारखंड की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया
है कि सीता सोरेन एक बेहतर मुख्यमंत्री हो सकती है.
राज्य के मौजूदा सियासी हालात में इस बयान के हैं गंभीर राजनीतिक मायने
अब सवाल यह है कि आज झारखंड का जो सियासी हालात है, उसमें मुख्यमंत्री खनन घोटाले में घिरते
नजर आ रहे हैं, उनका भविष्य चुनाव आयोग के अगले कदम पर निर्भर करता है, मामला कोर्ट में भी चल रहा है.
झारखंड के सियासी गलियारों में यह चर्चा गरम है कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किसी आपदा में पड़ते हैं,
खनन पट्टा मामले में यदि उन्हे मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ती है तो उनका वारिश कौन होगा,
मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके पास जाएगी.
इन सारी कयासबाजियों के बीच यदि जयश्री सोरेन यह कहती हैं कि सीता सोरेन राज्य की अच्छी
मुख्यमंत्री हो सकती हैं, तो इसे यों ही नहीं लिया जा सकता , स्पष्ट रुप से यह जयश्री सोरेन और सीता सोरेन की
महात्वाकाक्षांओं का प्रकटीकरण है. अब देखना यह होगा की इस राजनीतिक महात्वाकांक्षा का
अगला विस्तार क्या होता है. लेकिन इतना तो तय है कि सीता सोरेन और जयश्री सोरेन किसी
बेहतर मौके की तलाश में हैं.
रिपोर्ट-शहनवाज
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