Jamtara : चौकीदार बहाली प्रक्रिया विवादों के घेरे में, हाईकोर्ट में रिट याचिका दर्ज…

Jamtara : जामताड़ा जिले में चौकीदार बहाली को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। विज्ञापन संख्या 1/2025 के तहत चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे न्यायालय में चुनौती दी है।

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बहाली में भाई-भतीजावाद, नियमों की अनदेखी-JLKM

संगठन के जिलाध्यक्ष मन्तोष महतो ने झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका (संख्या: WPS/5617/2025 (F)) दायर की है। याचिका में उन्होंने मांग की है कि इस बहाली प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और जब तक न्यायालय से अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक इसे स्थगित रखा जाए।

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मन्तोष महतो का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहाली में भाई-भतीजावाद, नियमों की अनदेखी और योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर अपात्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 16 मई 2025 को जामताड़ा उपायुक्त को ई-मेल के जरिए नोटिस भी भेजा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।

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Jamtara : चयन के मापदंड स्पष्ट नहीं हैं, कई स्तरों पर हुआ हस्तक्षेप

इससे पहले JLKM समेत कई सामाजिक और छात्र संगठनों ने भी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की थी। उनका कहना है कि चयन के मापदंड स्पष्ट नहीं हैं और प्रक्रिया में कई स्तरों पर अनुचित हस्तक्षेप हुआ है। बहाली को लेकर जिले में कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव कर बहाली को रद्द करने की मांग उठाई है।

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JLKM अध्यक्ष मन्तोष महतो ने कहा, “यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य का सवाल है। यदि यह प्रक्रिया गड़बड़ियों के साथ पूरी की जाती है, तो यह युवाओं के साथ अन्याय होगा।” अब जबकि मामला झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित है, जिला प्रशासन की अगली रणनीति को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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