रांची: टेक्नोलॉजी का एक ऐसा विषय है जो हमारे दैनिक जीवन के कार्यों से जुड़ा हुआ है। रांची यूनिवर्सिटी में मास्टर्स की डिग्री प्रदान की जाती है।
वहीं साथ ही डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में अंडर ग्रेजुएट लेवल पर वर्ष 2011 से पढ़ाई हो रही है। लेकिन यूजी पीजी में एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है। वहीं देश के लगभग सभी राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स मूल विषय में शामिल है। दिल्ली यूनिवर्सिटी, पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी समेत अन्य विश्वविद्यालयों में परमानेंट फैकल्टी की नियुक्ति की जाती है।
ज्ञात हो कि इससे पहले 2008 में झारखंड पात्रता की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें पड़े पैमाने पर नकल हुआ था। शिकायत मिलने पर पहले निगरानी ब्यूरो अब सीबीआई जांच कर रही है। राज्य में दूसरी बार झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
परीक्षा का प्रारुप उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा तैयार कर लिया गया है। कुल 43 विषयों के लिए जेट परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित की जाएगी।
इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स विषय शामिल नहीं है। जबकि राज्य के विश्वविद्यालयों में इलेक्ट्रॉनिक्स विषय की पढ़ाई पिछले एक दशक से हो रही है। इसके बाद भी जेट में इलेक्ट्रॉनिक्स विषय शामिल नहीं रहने से इस विषय के छात्र मायूस और आक्रोशित हैं। इनका कहना है कि राज्य में लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक्स विषय की पढ़ाई कोर सब्जेक्ट की तरह हो रही है।




